रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही नशामुक्ति निदानशाला (अस्पताल) संचालित होगा। इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से हरी झंडी मिल गई है।
मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद एम्स प्रशासन निदानशाला शुरू कराने के लिए प्रक्रिया में जुट गया है। जल्द ही इसके स्थापित होने के बाद नशे की चपेट में आए लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए काम शुरू हो जाएगा। ऐसी दवाएं भी यहां उपलब्ध कराई जाएंगी जो जिले में उपलब्ध नहीं हैं।
जिले में लगातार नशा करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को नशे बचाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं, लेकिन कोई कमी नहीं आ पा रही है।
जागरुकता के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये पानी में जा रहे हैं। नशामुक्ति के लिए लोगों को भर्ती करके इलाज की सुविधा भी अब तक जिले को नहीं मिल पायी है।
यह दीगर बात है कि स्वास्थ्य विभाग इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अब जिले में नशामुक्ति में कमी आने की उम्मीद बढ़ गई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद एम्स में नशामुक्ति के लिए अस्पताल संचालित होने का रास्ता साफ हो गया है।
एम्स के अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने बताया कि मादक पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों को इस सेवा के शुरू होने के बाद ठीक करने में काफी मदद मिलेगी।
मनोचिकित्सा विभाग की सहायक आचार्य डॉ. रश्मि शुक्ला ने बताया कि व्यसन कोई चरित्र दोष नहीं है, बल्कि यह चिकित्सा विकार है। इलाज से ऐसे मरीजों को नशे की लत से बचाया जा सकेगा।
परियोजना के प्रमुख अधिकारी डॉ. अर्घ्य पाल ने बताया कि निदानशाला से मरीजों को काफी फायदा होगा, क्योंकि यह जिले में इस तरह का पहला निदानशाला होगा। यहां ऐसी दवाएं उपलब्ध रहेंगी जो बाजार में उपलब्ध नहीं हैं।
दो साल में भी नहीं खुला 50 बेड का अस्पताल
सरकार ने समाज कल्याण विभाग की मदद से जिले में 50 बेड का नशामुक्ति अस्पताल खुलवाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग दो साल में भी यह अस्पताल संचालित नहीं करा पाया।
अब तक इस अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भवन तक की व्यवस्था नहीं कराई। अब एम्स में अस्पताल खुलने की संभावना के बाद जिले के लोगों के लिए राहत की बात है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से एम्स परिसर में नशामुक्ति अस्पताल स्थापित कराने के लिए स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जल्द ही नशामुक्ति निदानशाला काम करना शुरू कर देगा। इससे जिले के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एम्स