रायबरेली। जिले को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिले 1257 शादियों के लक्ष्य के साथ ही सरकारी नेग भी बदल गया है। चांदी के मूल्य में बढ़ोत्तरी के कारण ब्याह में शामिल होने वाली बेटियों को अब नेग में चांदी की पायल और बिछिया नहीं मिलेगी। इसके एवज में चार हजार रुपये बेटियों के खाते में भेजे जाएंगे। जिले में सामूहिक विवाह का आयोजन जुलाई माह में कराने की तैयारी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी आरवी सिंह ने बताया कि इस साल समाज कल्याण विभाग को 1257 बेटियों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। तय लक्ष्य के अनुसार 31 मार्च 2027 से पहले जिले में 1257 बेटियों का सामूहिक विवाह आयोजित होगा। इसके लिए अभी तक एक हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में इस बार से उपहार की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब उपहारों के साथ बेटियों को चांदी की पायल और बिछिया नहीं मिलेगी। हालांकि पहले की तरह 60-60 हजार रुपये बेटियों के खातों में भेजे जाएंगे। विदाई के समय बेटियों को 21 हजार रुपये की गृहस्थी की सामग्री भी प्रदान की जाएगी।