यह फैसला बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित कोर्ट संख्या चार के अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र कुमार आर्य ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्या के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक की मां अनारा निवासी उसरहा का पुरवा मजरे बभनपुर थाना नसीराबाद ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 27 अप्रैल 2009 को वादिनी का बेटा सोहनलाल गांव में एक बारात में शामिल होने गया था। तभी गांव का ही भुल्लन बेटे सोहन पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए लात घूंसों व डंडों से मारा।
इससे सोहन को गंभीर चोटें आई, इलाज के दौरान लखनऊ में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद भुल्लन के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर भुल्लन को धारा 304 आईपीसी के तहत दोषसिद्घ कर 10 साल की सजा सुनाई।