वित्तविहीन स्कूलों में तो कोर्स लगभग पूरा हो गया, लेकिन राजकीय व एडेड स्कूलों में स्थिति बेहद खराब है। पंचायत चुनाव के कारण टीचर प्रैक्टिकल पूरे नहीं करा पा रहे हैं। इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भोगना पड़ रहा है।
बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दिसंबर से शुरू हो जाएंगी। अब तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के रसायन विभाग, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान समेत अन्य विषयों के प्रैक्टिकल पूरे हो जाने चाहिए थे। लेकिन कोर्स अधूरा है।
स्कूलों में औपचारिकताएं ही पूरी हो पा रही हैं। राजकीय व एडेड स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगने के कारण वे कोर्स को पूरा नहीं करा पा रहे हैं। राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई चौपट हो रही है।
स्कूलों की प्रयोगशाला में संसाधन तक उपलब्ध नहीं है। प्रैक्टिकल के नाम पर खानापूरी की जा रही है। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पदों का चुनाव शुरू होने के बाद 12 दिसंबर तक स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो गई है।
स्कूलों में बूथ बनाए गए हैं तो इंटर कॉलेजों में मतगणना के लिए तैयारियां की जा रही हैं। टीचरों की मतदान कार्य में ड्यूटी लगने व प्रशिक्षण शुरू होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो गई है।
ऐसी स्थिति में बोर्ड परीक्षा का कोर्स भी समय से पूरा नहीं हो पाएगा। सर्वोदय इंटर कॉलेज की छात्रा संख्या सिंह का कहना है कि किसी तरह प्रैक्टिकल की तैयारियां कर रहे हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा तक सभी प्रैक्टिकल पूरे हो जाएंगे।
छात्र अंकित सिंह का कहना है कि ज्यादातर प्रैक्टिकल कर लिए हैं। जीआईसी के छात्र आकाश त्रिपाठी का कहना है कि जब टीचर बुलाते हैं तो प्रैक्टिकल करने आ जाते हैं।
डॉ. संदीप कुमार का कहना है कि संसाधनों की कमी है, लेकिन समय से प्रैक्टिकल पूरे हो जाएंगे। जीआईसी के टीचर डॉ. हरिओम त्रिपाठी का कहना है कि चुनाव के कारण दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन प्रैक्टिकल पूरे कराए जा रहे हैं।
समय से काम को पूरा कर लिया जाएगा। सर्वोदय इंटर कॉलेज के शिक्षक मुकुंद प्रताप सिंह का कहना है कि कोर्स व प्रैक्टिकल समय से पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि चुनाव के कारण कुछ दिक्कतें जरूर आ रही हैं।
डीआईओएस डॉ. विनय मोहन का कहना है कि सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सभी विषयों के प्रैक्टिकल समय से पूरे कराने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव से काम प्रभावित हो रहा है।