रायबरेली। जिले में तीन दिन तक चलने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा शुरू हो चुकी है। पहले दिन शनिवार को अभ्यर्थियों की भीड़ से रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म खचाखच भरे रहे। पंजाब मेल और जनता मेल के आते ही अभ्यर्थियों की भीड़ टूट पड़ी। कोच में घुसने के लिए धक्कामुक्की हुई। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह समझाकर अभ्यर्थियों को ट्रेन में बैठाया। अभ्यर्थियों के आने और जाने का सिलसिला अभी सोमवार तक इसी तरह चलता रहेगा।
जिले में होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा के पहले दिन पांच हजार से अधिक अभ्यर्थियों के अलावा उनके साथ आए लोग भी रहे। इस जिले में परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के साथ ही यहां से दूसरे जिले में परीक्षा देने के लिए जाने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ के कारण रेलवे स्टेशन पर काफी हलचल रही। यहां से जाने वाले ज्यादातर अभ्यर्थी हरदोई की तरफ रवाना हुए, इसीलिए दोपहर में पंजाब मेल और जनता मेल में ज्यादा धक्कामुक्की हुई। इन ट्रेनों से परीक्षा देने के बाद लखनऊ लौटने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ भी नजर आई।
शाम तक इसी तरह सिलसिला चलता रहा लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी दोपहर में पंजाब मेल और जनता मेल के आने पर हुई। ट्रेनों के रुकते ही अभ्यर्थियों के साथ यात्रियों की भीड़ टूट पड़ी। एसी, स्लीपर और जनरल कोच में घुसने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बोगी में बैठने की जगह मिल सके, इसके लिए हर कोई जल्दी ही कोच में दाखिल होने की जुगाड़ में लगा रहा। जीआरपी थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए।
सिर्फ दो टिकट काउंटर खुले, लगीं चार लाइनें
रायबरेली। यात्रियों की सुविधा के लिए लगवाई गई आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें बंद पड़ी हैं। भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की भीड़ के कारण अफरातफरी रही। स्टेशन पर भले ही दो काउंटर खोले गए लेकिन काउंटर के पास चार लाइनें लगी नजर आईं। टिकट काउंटर के सामने लगी लंबी लाइन की वजह से प्रतीक्षालय से होकर प्लेटफॉर्म तक जाना मुश्किल हो गया। वाणिज्य निरीक्षक डीडी शुक्ला ने बताया कि भीड़ के कारण ही दो टिकट काउंटर खोले गए। कुछ समय के लिए भीड़ भले ही ज्यादा रही, लेकिन बाद में भीड़ कम हो गई।
अभ्यर्थियों को लेकर लखनऊ गईं बसें
रायबरेली। भर्ती परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थियों की भीड़ रायबरेली डिपो पर पहुंची, जहां पहले से ही बसों की व्यवस्था रही। ज्यादातर अभ्यर्थी लखनऊ, लखीमपुर और बाराबंकी जाने वाले रहे। ऐसे अभ्यर्थियों ने लखनऊ जाने वाली बस से सफर किया। पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों को बसों में बैठाया और सभी सीटें भरते ही रवाना किया।
किसी भी बस में अभ्यर्थियों को खड़े होकर सफर करने नहीं दिया गया। औसतन हर 15 मिनट पर एक बस रवाना होती रही। अन्य रूटों पर भी बसों की व्यवस्था कराई गई थी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए तीनों दिन हर रूट के लिए बसों की व्यवस्था करा दी गई है। अभ्यर्थियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।