रायबरेली। एसओजी और सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को महिला दरोगा के साथ लूट करने वाले तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया।
इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की फायरिंग में एक बदमाश घायल हो गया। हालांकि गनीमत रही कि मुठभेड़ में पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए।
घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बदमाशों के पास से लूटी गई रकम व अलावा घटना में प्रयुक्त बाइक कब्जे में ले ली है।
रायबरेली के सम्राट नगर निवासी नीता सिंह प्रतापगढ़ जिले के कुंडा कोतवाली में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। वह 30 मई को सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक से पांच लाख रुपये निकालकर स्कूटी से घर जा रही थीं।
तभी डिग्री कॉलेज चौराहे के पास बाइक सवार बदमाशों ने महिला दरोगा से पांच लाख रुपये लूट लिए थे। वारदात के खुलासे के लिए एसपी ने चार पुलिस टीमें लगाईं थीं।
शुक्रवार तड़के सूूचना मिली कि शहर के राजघाट के पास कुछ बदमाश मौजूद हैं और फिर किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।
इस सूचना पर एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, सदर कोतवाल राघवन कुमार सिंह टीम के साथ राजघाट पर पहुंचे और बदमाशों की घेराबंदी की। पुलिस से घिरे देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की तरफ से भी जवाबी फायरिंग की गई।
पुलिस की फायरिंग में बदमाश मोनू यादव के एक पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। सूूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए।
घायल बदमाश का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि महिला दरोगा के साथ हुई लूट के मामले में मुठभेड़ के दौरान बिहार प्रांत के कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के नया टोला जुराबगंज निवासी मोनू यादव, काशी यादव, रोमियों कुमार को पकड़ा गया है।
इनके पास से महिला दरोगा से लूटे गए चार लाख 20 हजार रुपये, 315 बोर का एक तमंचा, घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
यूूपी से लेकर कई राज्यों में फैला है नेटवर्क
महिला दरोगा के साथ लूट के मामले में पकड़े गए बिहार के युवकों ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में बताया है कि सिर्फ रायबरेली ही नहीं, बल्कि इनका नेटवर्क यूपी के अलावा बिहार समेत अन्य कई राज्य्रों में फैला है। इनका एक गिरोह है, जो लूट की घटनाओं को अंजाम देता है। वर्ष 2007 में वाराणसी में लूट की घटना को अंजाम दे चुके हैं। सदर कोतवाल का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ लूट के कई मुकदमे दर्ज हैं।
मुठभेड़ के दौरान तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में बदमाशों ने महिला दरोगा के साथ हुई लूट में शामिल होने की बात कुबूली है। इनके पास से लूटी गई रकम भी बरामद की हो गई है। इनका एक गिरोह है, जो लूट की घटनाओं को अंजाम देता है। पकड़े गए लुटेरों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक