अपने ही चाचा के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराने वाली युवती को अदालत में गवाही देने से पहले ही मंगलवार को हत्या कर दी गई।
उसका शव गांव के बाहर पेड़ पर फंदे से लटका मिला। उसके मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था, ताकि वह चिल्ला न सके। वारदात रायबरेली के बंगलहा मजरे देवपुर गांव की है।
मृतका की मां राजवती ने आरोप लगाया कि अरुण कुमार, उसकी पत्नी शांति देवी और उसके सालों राजन व नान्हू, निवासी चकराही लालगंज ने उसकी बेटी रीमा यादव (21) की हत्या कर दी।
वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया। अरुण रीमा का चाचा है। राजवती ने चारों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है।
युवती को मंगलवार को ही अदालत में गवाही देने जाना था। मां ने बताया कि रीमा सुबह खेत की ओर गई थी। देर होने पर खोजबीन शुरू हुई तो गांव के बाहर पेड़ से उसका शव लटकता मिला।
छेड़खानी के खिलाफ संघर्ष करने वाली रीमा का सेना में जाने का सपना हकीकत में नहीं बदल पाया और उसकी हत्या कर दी गई।
पिता की मौत के बाद रीमा ने सेना में जाने का मन बनाया था। इसके लिए दौड़भाग भी करती थी। बड़ी बहन बबली की शादी हो गई है। वह मां के साथ घर में रहती थी।
बेटी की मौत से मां राजवती दहाडे़ मारकर रो पड़ती है। उसका कहना है कि रीमा अपना सपना पूरा करने के लिए दिनरात मेहनत करती थी। मां के साथ-साथ ग्रामीणों में भी रीमा की हत्या से नाराजगी है। सभी कहते हैं कि मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
एसओ का कहना है कि अरुण कुमार ने अपने परिवार के साथ छह फरवरी को रीमा के साथ छेड़खानी व मारपीट की थी। मृतका पक्ष की तरफ से मारपीट, छेड़खानी की रिपोर्ट लिखाई गई थी।