मार्च में बंदी दुराचार के एक मामले में जेल गया था। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी कोई वजह सामने नहीं आई है। इस घटना से जेल अधिकारियों की लापरवाही जरूर सामने आई है। आखिर बंदी ने फांसी कैसे लगा ली।
पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पुलिस का दावा है कि जांच के बाद ही बंदी के खुदकुशी की कोई वजह सामने आएगी। परिवारीजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
डीह थाना क्षेत्र के पूरे सीही गांव निवासी रामसुमेर मार्च में दुराचार के एक मामले में जेल में बंद हुआ था। बताया जा रहा है कि देर शाम वह नित्यक्रिया के लिए गया था।
प्रसाधन के पास से ही पानी की टंकी की पाइप लाइन निकली है। इसी पाइप लाइन से गमछे के सहारे रामसुमेर लटक गया। कुछ देर बाद रामसुमेर बैरक नहीं पहुंचा तो बंदी रक्षकों ने पड़ताल शुरू की।
इस दौरान बंदी रक्षक ने देखा कि बंदी का शव गमछे के सहारे लटक रहा था। यह देख सभी दंग रह गए। जेल के अंदर बंदी के खुदकुशी किए जाने की घटना से जेल अफसरों में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। घटना की कोई वजह सामने नहीं आई है। इस घटना ने जेल कर्मियों की मनमानी खोल दी है। सवाल ये उठता है कि आखिर बंदी ने फांसी कैसे लगा ली।
ड्यूटी पर तैनात बंदी रक्षक कहां थे। जेल अधीक्षक अमिता दुबे का कहना है कि बंदी ने फांसी लगाकर जान दी है। दुराचार के एक मामले में बंदी जेल में बंद था।
घटना की वजह भी कोई सामने नहीं आई है। घटना की विभागीय जांच भी कराई जा रही है। इसमें किसी बंदीरक्षक की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।