एक बार फिर पुलिस की घेर लापरवाही सामने आयी है। अगवा कर यहां फेंकी गई रेप पीड़िता को उसके घर या अस्पताल पहुंचाने, उसके परिवारीजनों को सूचना देकर बुलाने और पीड़िता को उनके हवाले करने के बजाय पुलिस ने उसे ट्रेन पर बैठा कर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया।
यही नहीं इस गंभीर मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी देना उचित नहीं समझा। अपने आप को पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) की रहने वाली बताने वाली एक महिला को अगवा कर रायबरेली लाया गया और फिर चार दिन पहले उसे बछरावां थाना क्षेत्र में चलती जीप से फेंककर दिया गया।
रविवार को यूपी डॉयल 100 पुलिस को लावारिस अवस्था में महिला मिली। इस पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो महिला ने आपबीती बताई। उसके साथ रेप की भी आशंका जताई जा रही है। हद तो तब हो गई, जब बछरावां थाना पुलिस ने बिना कार्रवाई किए ही उसे लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन में बैठाकर पल्ला झाड़ लिया।
यूपी डॉयल 100 पुलिस रविवार सुबह गश्त पर थी। इसी दौरान शारदा नहर पुल बछरावां पर एक लावारिस महिला मिली। पुलिस उसे थाने ले आई और पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने अपने आप को पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) की रहने वाली बताया।
महिला के मुताबिक चार दिन पहले एक जीप चालक ने उसे पिथौरागढ़ से अगवा कर लिया। इसके बाद उसे गाड़ी पर बैठाकर रायबरेली ले आया। यहां उसे चलती गाड़ी से फेंककर भाग गया। चार दिनों से वो इधर-उधर भटक रही है। स्थानीय लोगों ने महिला के साथ रेप की आशंका जताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
लेकिन बछरावां पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। महिला को उसके घर पहुंचाने या फिर परिवारीजनों को बुलाकर उनके हवाले करने के बजाय उसे लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन में बैठा कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
एसओ बछरावां अरविंद पांडेय का कहना है कि वे मीटिंग में थे, उनको घटना की जानकारी नहीं है। वहीं इलाकाई थाने की थुलेंडी चौकी इंचार्ज जेपी यादव का दावा है कि महिला की उम्र 50 वर्ष है। वह यहां चली आई थी। वह अपने घर जाना चाहती थी। इसलिए उसे लखनऊ तक का टिकट लेकर ट्रेन पर बैठा दिया गया। वहां से वह आगे कैसे जाएगी, इस पर चौकी इंचार्ज चुप्पी साध गए।
महिला से पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन वह ठीक से कुछ बता नहीं पा रही है। अपना नाम व पता भी उसने अटकते हुए बताया। उसके बोलने से लगता है कि या तो उसे कोई नशीला पदार्थ खिलाया गया या फिर उसके साथ अभद्र व्यवहार कर इस कदर धमकाया गया कि वह डरी हुई है। महिला को अगवा किसलिए किया गया, इस बारे में भी वो बहुत स्पष्ट कुछ नहीं बता पाई।
इस बाबत एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि मामला गंभीर है। पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) की महिला को अगवा कर बछरावां में फेेंके जाने की सूचना उन्हें बछरावां थाने या फिर थुलेंडी चौकी की पुलिस ने नहीं दी है। घर वालों के बुलाने के बजाय ट्रेन में बैठाने के बारे में भी नहीं बताया गया। इसकी जांच कराई जाएगी कि बछरावां पुलिस की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जांच के बाद लापरवाहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।