मिल एरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को एसटीएफ ने ग्राम प्रधान की सीज राइस मिल में छापा मारकर दो करोड़ रुपये कीमत की शराब व दो लाख से अधिक की नकदी बरामद कर अंतरराज्यीय रैकेट पकड़ा है।
जो हरियाणा से रेक्टीफाईड स्प्रिट लाकर अवैध शराब बनाता था। टीम ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि अन्य कई चकमा देकर फरार हो गए। टीम ने भारी मात्रा में फर्जी रैपर, सिलिंग मशीन, पाउडर, कलर, खाली प्लास्टिक की बोतलें व एक ट्रक स्प्रिट भी बरामद की हैं।
पकडे़ गए आरोपी कोलकाता और बिहार प्रांत के रहने वाले हैं। फैक्ट्री का संचालन ग्राम प्रधान समेत चार लोग मिलकर कर रहे थे। जो यहां से कई जनपदों को शराब सप्लाई करते थे। एसटीएफ के इंस्पेक्टर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शहर के खोर स्थित इंड्रस्ट्रियल एरिया में थाने से करीब 500 मीटर दूरी पर जेपी राइस मिल में शराब फैक्ट्री चल रही थी। यह मिल महराजगंज कस्बे के रहने वाले सलेथू प्रधान जेपी साहू की है। जो सीज होने के चलते बंद थी। एसटीएफ के इंस्पेक्टर अंजनी कुमार तिवारी की अगुुवाई में टीम ने मंगलवार सुबह छापा मारा।
शराब फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद एसटीएफ ने इस मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दी। कुछ देर बाद ही एएसपी वीरेंद्र यादव, सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव व मिल एरिया थानेदार आरके सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
तलाशी के दौरान एसटीएफ को फैक्ट्री के अंदर से 1400 पेटी शराब, फर्जी रैपर, होलोग्राम, गत्ते, सिलिंग मशीन, डिग्री नापने के उपकरण, कलर, पाउडर, खाली प्लास्टिक, बोतलें, तीन खाली ड्र्म बरामद हुए। इसके अलावा दो ड्रम और एक टैंकर में भरी स्प्रिट भी मिली। दो लाख 21 हजार रुपये की नकदी, दो साइकिलें मौके से बरामद हुईं हैं।
एसटीएफ इंस्पेक्टर अंजनी कुमार तिवारी की तहरीर पर मिल एरिया थाने में मो. एहसान अंसारी निवासी शमसुलहुदा रोड कोलकाता पश्चिम बंगाल (टैंकर चालक), जावेद निवासी सतवां थाना बनियापुर जिला छपरा बिहार (खलासी), अभिजीत निवासी नवपाड़ा थाना जयनगर जिला दक्षिण 24 परगना पश्चिम बंगाल, रंजीत वाल्मिकी निवासी दासनगर थाना बरईपुर जिला दक्षिण 24 परगना पश्चिम बंगाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर के मुताबिक हरियाणा से रेक्टीफाईड स्प्रिट लाकर शराब बनाई जाती थी। जो रायबरेली के अलावा, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, लखनऊ, प्रतापगढ़ व इलाहाबाद आदि जनपदों में छोटे वाहनों से सप्लाई की जाती थी। बरामद की गई शराब और स्प्रिट की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है।
नामजद चारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मिल एरिया थानेदार आरके सिंह का कहना है कि मिल एरिया थानेदार आरके सिंह के मुताबिक राइस मिल चलाने के लिए जेपी साहू ने बैंक से ऋण लिया था। लोन अदा न करने की वजह से राइस मिल बंद चल रही थी।
इसी का फायदा उठाते हुए उसने शराब के धंधा करने के लिए मिल को किराए पर दे दिया था। राइस मिल मालिक जेपी साहू के अलावा प्रदीप जायसवाल निवासी हैदरगढ़ जिला बाराबंकी, सुधाकर सिंह निवासी प्रतापगढ़, शोभनाथ सरदार उर्फ सोना और ऋषि नामक व्यक्ति मिलकर शराब फैक्ट्री चला रहे थे।
जेपी साहू को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। उधर, एसपी विनय यादव का कहना है कि शराब की फैक्ट्री से भारी मात्रा में शराब समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जो अन्य लोग भी इस धंधे में शामिल होंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
खोर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया के जिस जेपी राइस मिल में शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही थी, उसकी दूरी मिल एरिया थाने से महज 500 मीटर है। यानि थाने के नाक के नीचे शराब का धंधा अरसे से फलफूल रहा था। बावजूद पुलिस सब कुछ जानकर अंजान बनी रही।
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल का कहना है कि नकली शराब बनाने में स्प्रिट का बेस बनाया जाता है। इसमें नशे के लिए हानिकारक अल्कोहल मिलाया जाता है। नकली शराब जब शरीर में पहुंचती है तो अल्कोहल की मात्रा अधिक होने पर पहले आंखों की रोशनी जाती है।
इसके बाद लीवर अपना कार्य ठीक से नहीं करता है। खून व एंजाइम रसों का बनना बंद हो जाता है। इससे मानव शरीर धीरे-धीरे दुर्बल हो जाता है। एक बार में अधिक शराब पीने से मौत का खतरा रहता है।
टीम ने की बरामदगी
दो लाख 21 हजार रुपये नकद। 25000 लीटर रेक्टीफाईड स्प्रिट, एक टैंकर और तीन ड्रम। 1404 पेटी अवैध देशी शराब (लगभग 68000 बोतल)। एक ड्रम जिसमें 4000 लीटर निर्मित शराब भरी है। 400 बोरा खाली शीशी, 10 बोरा ढक्कन व 10 बंडल विभिन्न ब्रांड के रैपर। एक सेंट्रीफयूगल मोनोसेट पंप विद मल्टी आउटलेट व दो हाईग्रोमीटर। तीन पैकिंग व सीलिंग मशीन, एक पेटी सेलो टेप व 300 गत्ते।