पीड़िता ने शुक्रवार को एसपी श्रीकांत से मिलकर घटना की जानकारी दी और पुलिस पर एफआईआर न लिखने का आरोप लगाया। एसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया।
एक गांव की रहने वाली महिला का आरोप है कि गत 14 नवंबर की शाम वह गांव के बाहर गई थी। इसी दौरान गांव की दो महिलाओं ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ उसे अगवा कर लिया।
अपहरणकर्ताओं ने मुंह बंद कर उसे चार पहिया वाहन में बैठाया और एक मकान में बंद करके तीन युवकों ने दुराचार किया।
महिला का आरोप है कि किसी तरह 13 दिसंबर को वह भाग निकली। घर पहुंचने के बाद सूचना थाने में दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी ने पीड़िता को न्याय का भरोसा दिया है।