दोनों नेता पुल निर्माण के जरिए जनता में अपनी पैठ बनाने और वाहवाही बटोरने की कोशिश में हैं। जुबानी जंग के बाद सपा विधायक ने कांग्रेस एमएलसी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की एफआईआर दर्ज करा दी है। एसओ हरिकेश पाठक का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के शंकर खेड़ा मजरे धुराई के पास से निकले बसहा नाले पर करीब एक करोड़ 49 लाख 41 हजार की लागत से पुल बनना है। इसके लिए शासन से 15 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं।
इस पुल के बनने से करीब 10 गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। क्षेत्रीय सपा विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि क्षेत्र की समस्या को देखते हुए उन्होंने पैरवी की तो प्रदेश सरकार ने पुल निर्माण के लिए बजट का आवंटन किया।
उधर कांग्रेस एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने भी इस पुल का प्रस्ताव जिला पंचायत से करा दिया। यही दोनों नेताओं के टकराव की वजह बन गया।
सपा विधायक सुरेंद्र ने एमएलसी दिनेश प्रताप पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में एक नवनिर्वाचित डीडीसी राकेश अवस्थी को भी नामजद किया गया है।
सपा विधायक का कहना है कि बसहा नाले पर पुल बनवाने के लिए राज्य सरकार की ओर से चार मार्च 2015 को स्वीकृति मिल चुकी है। पुल निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है।
पीडब्ल्यूडी ने पुल निर्माण के लिए टेंडर भी निकाले हैं। सपा विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एमएलसी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए पुल को अपनी निधि से बनवाने का भ्रामक प्रचार करा रहे हैं।
पुल राज्य सरकार द्वारा बनवाया जाना है लेकिन नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य ने एमएलसी से शिलान्यास का कार्यक्रम तय कर दिया। शिलान्यास के आमंत्रण के कार्ड भी बंटवा दिए। सपा सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य का श्रेय लेने के लिए ऐसा किया गया।