अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे दिवान मजरे कुटमुरा गांव में बुधवार सुबह कुएं में एक वृद्धा का शव मिलने से सनसनी फैल गई। वह अचानक घर से गायब हो गई थी। खोजबीन में लाश पाई गई। मृतका के हाथ, घुटने पर चोट के निशान थे।
इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या करने के बाद उसके शव को कुएं में फेंका गया है। हालांकि परिवारीजन घटना की बाबत कुछ नहीं बोल रहे हैं। पुलिस पीएम रिपोर्ट आने के सच का पता चलने की बात कह रही है।
पूरे दिवान मजरे कुटमुरा गांव की रहने वाली ब्रह्मना चौरसिया (70) की शादी इसी क्षेत्र के अहुरी गांव में हुई थी। माता-पिता की इकलौती संतान होने के चलते ब्रह्मना ससुराल के बजाय अपने मायके में रहने लगी थी। पिता बाबूलाल की डेढ़ बीघे जमीन उसके नाम हो गई थी।
उसके तीन बेटे जन्नाथ, स्वामीनाथ और शेष नारायण हैं। स्वामी नाथ मां के साथ रहकर ट्रैक्टर चलाता है, जबकि शेषनाथ दिल्ली में रहकर नौकरी करता है। वह इसी सप्ताह गांव आया था। जन्नाथ मां की ससुराल अहुरी गांव में रहता है।
मंगलवार शाम से ब्रह्मना अचानक घर से गायब हो गई। बेटे स्वामीनाथ ने कई जगह खोजबीन की, लेकिन मां नहीं मिली। सुबह गांव के पास एक कुएं में ब्रह्मना का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को बाहर निकाला।
मृतका का शव पूरी तरह से फूल चुका था। साथ ही घुटने और हाथ में चोट के निशान थे। इससे आशंका यही जताई जा रही है कि किसी ने जमीन के लिए हत्या करने के बाद शव को कुएं में फेंक दिया। मृतका के बेटे स्वामीनाथ ने घटना की सूचना थाने में दी है। थानेदार रामराघव सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।