अमेठी जिले के जायस कोतवाली क्षेत्र मेें बुधवार रात दहेज की खातिर एक विवाहिता की हत्या कर दी गई। पिता का आरोप है कि ससुराल पक्ष दहेज में 50 हजार रुपये की नकदी और बाइक की मांग कर रहा था। डिमांड पूरी न होने पर पहले उसकी पिटाई की गई और फिर आग से जलाकर मार डाला गया।
पुलिस ने पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। मृतका के पिता ने पति समेत सात ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज की खातिर बेटी को मार डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
मोहनगंज थाना क्षेत्र के खानापुर चेतरा गांव निवासी सत्यनारायण सिंह ने चार साल पहले अपने बेटी रीता (25) की शादी जायस कोतवाली क्षेत्र के पूरे तिवारी मजरे बेरारा गांव निवासी रमेश पासी के साथ की थी। रमेश घर पर ही रहकर खेती करता है।
पिता सत्यनारायण को गुरुवार सुबह जानकारी मिली कि उसकी बेटी रीता की मौत हो गई है। इस पर वह ससुराल पहुंचा तो सूचना सही निकली। पिता का आरोप है कि बेटी की पहले पिटाई की गई और फिर केरोसिन छिड़ककर आग लगाकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
वारदात की सूचना पर कोतवाल दीपेंद्र सिंह ने फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचकर मामले की पड़ताल की। पिता का आरोप है कि ससुराल पक्ष दहेज में 50 हजार रुपये की नकदी और बाइक की मांग कर रहा था। इसकी डिमांड पूरी न करने के चलते ही वारदात को अंजाम दिया।
कोतवाल का कहना है कि पति रमेश पासी, ससुर मोतीलाल, जेठ राजेश कुमार, ननद आरती व शीला, सास अज्ञात, जेठानी अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कराई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
तीन साल के बेटे से उसकी मां का आंचल छिन गया है। मृतका रीता अपने पीछे बेटे सनी को छोड़ गई है। घटना के बाद गुमसुम सनी को यह पता नहीं कि अब उसकी मां इस दुनिया में नहीं रही। वहीं मृतका की मां कौशल्या के आंसू नहीं थम रहे हैं। कहती है कि हैसियत के मुताबिक शादी में दहेज भी दिया था। बावजूद और दहेज की मांग कर रहे थे।