नियम-कानून के रखवाले ही कानून की धज्जियां उड़ाएं तो फिर आम जनता का क्या हाल होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस कार्यालय में गुरुवार रात कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। ड्यूटी के दौरान नशे में धुत दो सिपाहियों में न सिर्फ मारपीट हुई, बल्कि सरकारी रायफल से फायरिंग भी की गई।
गनीमत रही कि गोली किसी के लगी नहीं। अन्य पुलिस कर्मियोें ने किसी तरह बीचबचाव कराकर मामला शांत कराया। एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच आरआई को सौंपी है। जांच रिपोर्ट मिलने पर सिपाहियों को सस्पेंड किए जाने की बात कही जा रही है।
पुलिस लाइंस में तैनात सिपाही सर्वेश कुमार और सुधाकर की ड्यूटी बृहस्पतिवार रात पुलिस कार्यालय में गार्द के रूप में लगाई गई थी। बताते हैं कि देर रात सर्वेश और सुधाकर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि मारपीट होने लगी।
यही नहीं इसी बीच किसी ने सरकारी रायफल से फायरिंग भी कर दी। गनीमत रही कि गोली कार्यालय स्थित एक कमरे में जा लगी और कोई हताहत नहीं हुआ। फायरिंग की आवाज पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने दोनों को किसी तरह शांत कराया।
सूचना पर आरआई भी मौके पर पहुंचे। एसपी के निर्देश पर दोनों सिपाहियों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। जिला अस्पताल के डॉ. टी शम्सी का कहना है कि मेडिकल के दौरान दोनों नशे के हालात में थे।
पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच आरआई से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों सिपाहियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस लाइंस में तैनात आरआई राजवीर सिंह एसपी दफ्तर में हुए पूरे प्रकरण में पर्दा डालने में जुटे रहे।
विवाद के बाद जिला अस्पताल में सिपाहियों का मेडिकल कराया गया। बावजूद आरआई यही कहते रहे कि कोई विवाद नहीं हुआ। सिपाहियों के नाम तक की जानकारी से यह कहते हुए अनभिज्ञता जताई कि एसपी से पूछ लो।
ये वही आरआई हैं, जिन्होंने एक महिला पुलिस खिलाड़ी को प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं दी थी। इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है, जिसकी जांच भी चल रही है। बावजूद आरआई पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है और वह हर मामले को दबाने की कोशिश में रहते हैं।