शिवगढ़ थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग की हत्या कर शव शिवगढ़ रजबहा में फेंक दिया गया। शनिवार सुबह उसका शव मिलने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या कहीं और की गई और शव यहां बहकर आ गया। मृतक लखनऊ जिले का रहने वाला था। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोेर्ट आने के बाद युवक की मौत की सही वजह सामने आएगी।
मनऊखेड़ा गांव स्थित शिवगढ़ रजबहा में सुबह कुछ लोगों ने एक दिव्यांग का शव पड़ा देखा। जानकारी होने पर थानेदार हंसराज यादव पुलिस टीम के साथ पहुंचकर शव को बाहर निकाला। साथ ही इसकी सूचना पड़ोसी जनपदों की पुलिस को दी। इस पर लखनऊ जिले की गोसाईगंज थाने की पुलिस टीम यहां पहुंची। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के बरकत नगर भट्ठी की रहने वाली सात वर्षीय रोशनी ने मृतक की पहचान अपने पिता संतोष कुमार (40) पुत्र बृजलाल लोधी के रूप में की।
मृतक का दाहिना पैर गायब था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि संतोष का मर्डर किया गया है। बेटी रोशनी के मुताबिक 8 जुलाई को पिता दोपहर में यह कहकर घर से निकले थे कि कॉपी-किताबें खरीदने के लिए जा रहा हूं, लेकिन इसके बाद लौटकर नहीं आए थे। खोजबीन की जा रही थी, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया था। 9 जुलाई को इसकी सूचना स्थानीय थाना गोसाईगंज में दी।
13 जुलाई को बेटी रोशनी ने गोसाईगंज थाने पर गुमशुदगी का मुकदमा पंजीकृत कराया था और खोजबीन चलती रही। शनिवार को गोसाईगंज पुलिस ने उसको बताया गया कि शिवगढ़ रजबहा में एक शव मिला है, जो दिव्यांग का है। यहां पर पहुंच उसने शव की पहचान पिता के रूप में हुई।
बेटी का कहना है कि पिता संतोष खेती किसानी करता था। उसके अलावा घर पर भाई मोहित (21), अमृत (9), रामजीत (8) है। रोशनी ने बताया कि 2015 में सड़क दुर्घटना में पिता का दाहिना पैर कट गया था, जिसके कारण वह वैशाखी लेकर चलते थे। थानेदार का कहना है कि दिव्यांग की मौत की सही वजह क्या है, यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। घटना की बाबत जांच चल रही है।