महज बीड़ी पीने के लिए माचिस नहीं मिली तो हमलावरों ने एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला। उसके पिता को भी पीटकर घायल कर दिया। पिता जान बचाकर घर के अंदर भागा तो हमलावर दरवाजा तोड़ घुस गए और सामान तहस-नहस कर दिया।
वारदात से भड़के परिवारीजन और ग्रामीणों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव दफनाने से इंकार कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी तकरार भी हुई। इसकी सूचना मिलते ही कई थानों की फोर्स के साथ ही एसडीएम-सीओ मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों के हमलावरों के जल्द गिरफ्तारी करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के कीर्तिपुर मजरे सतांव निवासी जंगली (50) किसानी करता है। वह शुक्रवार रात घर के बाहर बेटा लाला (19) के साथ बैठा था। इसी बीच गांव के चार लोग पहुंचे।
आरोप है कि हमलावरों ने जंगली से बीड़ी पीने के लिए माचिस मांगी। इस पर जंगली ने माचिस देने से इंकार कर दिया। बस इतनी सी बात पर हमलावरों ने जंगली पर हमला बोल दिया। बेटे लाला ने विरोध किया तो हमलावरों ने उसकी लाठी-डंडे से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।
जंगली ने घर के अंदर भागकर दरवाजा बंद कर लिया। इस पर हमलावर दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। जंगली को पीटा और सामान तहस-नहस कर दिया। आसपास के लोगों के पहुंचने पर हमलावर भाग गए। परिवारीजनों ने घायल लाला को जिला अस्पताल पहुंचाया।
जहां से उसे गंभीर हालत में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां शनिवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। दोपहर बाद युवक का शव गांव लाया गया तो ग्रामीण और परिवारीजन आक्रोशित हो गए। सभी शव दफनाने से इंकार कर दिया। परिवारीजन हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
सूचना पर गुरुबख्शगंज थानेदार पन्नेलाल के अलावा कई थानों की फोर्स के अलावा एसडीएम लालगंज और सीओ देवेश शर्मा पहुंच गए। इस दौरान पुलिस से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों ने जल्द हमलावरों को पकड़े जाने की बात कही तो ग्रामीण शांत हुए।
सीओ का कहना है कि जंगली की तहरीर पर गांव के ही कुंवारे, राजेंद्र, सुरेंद्र, बहादुर के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। माचिस न देने पर घटना को अंजाम दिया गया था। हमलावरों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।