रायबरेली। रामजानकी मंदिर के महंत स्वामी प्रेमदास की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। हत्या के मामले को तरमीम करते हुए आत्महत्या को उकसाने के अपराध में चार्जशीट तैयार की गई है।
मामले में दो आरोपियों के खिलाफ जहां आरोप पत्र तैयार किए गए हैं, वहीं पंचशील के प्रबंधक बीएन मौर्या, उनकी पत्नी समेत छह आरोपियों का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है। वहीं एक अन्य आरोपी रामस्वरूपदास के खिलाफ विवेचना अभी चल रही है।
गौरतलब है कि एक जनवरी 2019 को ऊंचाहार थाना क्षेत्र के बाबा का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग में रामजानकी मंदिर के महंत स्वामी प्रेमदास की हत्या कर दी गई थी। महंत का शव मंदिर के छज्जे से फंदे पर लटकता मिला था।
प्रकरण में मंदिर के नवनियुक्त महंत शिवयोगी मौनी स्वामी की ओर से पंचशील महाविद्यालय इटौरा बुजुर्ग के प्रबंधक बीएन मौर्या, अमृतलाल मौर्या, रामस्वरूपदास और संजीव कुमार के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा प्रकरण में ऊंचाहार पुलिस की विवेचना के दौरान बीएन मौर्य की पत्नी समेत अन्य लोगों के षड़यंत्र में शामिल होने की बात सामने आई थी।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ रेंज के आदेश पर विवेचना एसपी ग्रामीण लखनऊ विक्रांत वीर को सौंपी गई थी। विवेचना के बाद नामित आरोपी बैजनाथ मौर्य व प्रकाश में आई उनकी पत्नी सत्यभामा मौर्या, रीता मौर्या, गुड़िया मौर्या, आशा देवी, राजकुमारी के विरुद्ध अपराध का होना विवेचना में नहीं पाया गया है, वहीं दो आरोपियों अमृतलाल मौर्य व संजीव कुमार मौर्य के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने का अपराध पाते हुए चार्जशीट तैयार की गई है।
एक अन्य नामित आरोपी रामस्वरूप दास के विरुद्ध अभी विवेचना प्रचलित बताई जा रही है। एसपी ग्रामीण लखनऊ से नाम हटाए जाने की बाबत पूछने पर सिर्फ कहा कि विवेचना अभी चल रही है।
उधर, एसपी रायबरेली सुनील कुमार सिंह का कहना है कि नाम हटाए जाने की जानकारी नहीं है। इस प्रकरण की जांच एसपी ग्रामीण लखनऊ कर रहे थे।