डीह सीएचसी में तैनात एक महिला संविदाकर्मी ने सोमवार को अधीक्षक की करतूत से घबराकर डीएम को अपना इस्तीफा सौंप दिया। आरोप है कि अधीक्षक ने उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसे पीटा और अस्पताल से जबरन उसका सामान फेकवा दिया।
आरोप है कि अन्य कर्मचारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने अधीक्षक के डर के मारे उसकी नहीं सुनी।
डीएम को दिए त्यागपत्र में संविदाकर्मी ने आरोप लगाया कि बीती 30 मार्च से वह डीह सीएचसी में तैनात है। अधीक्षक ने अपने घर बुलाया और मानसिक रूप से यातना देकर अस्पताल में रुकने का दबाव बनाया।
जब वह अस्पताल में रुकने लगी तो उनकी मनमानी और शुरू हो गई। बीती चार जुलाई को अधीक्षक उसके कमरे में आए और जबरन हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की। विरोध करने पर कमरे से सामान भी फेकवा दिया।
आरोप लगाया कि अस्पताल के कई कर्मचारियों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने भी साथ नहीं दिया। दहशत में आई महिला स्वास्थ्य कर्मी ने इस्तीफा देते हुए डीएम सेे सामान लाने के लिए किसी को अस्पताल भेजवाने की मांग की है।
मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश गौतम का कहना है कि काम का दबाव बनाया गया। इसीलिए महिला ने मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं।