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गंगा गोमती में सीट को लेकर मारपीट, पथराव, चार जख्मी

Wed, 10 Apr 2019 12:32 AM IST
rajni rajni अमर उजाला ब्यूरो
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बछरावां। लखनऊ से इलाहाबाद जा रही गाड़ी संख्या-14216 गंगा गोमती एक्सप्रेस में मंगलवार को सीट पर बैठने को लेकर कुछ युवकों ने एक परिवार के साथ मारपीट की। बछरावां स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही वहां पहले से जुटे युवकों के हुजूम ने ट्रेन में घुसकर जमकर मारपीट की और ट्रेन पर पथराव किया।

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इससे महिलाओं समेत चार यात्री जख्मी हो गए। पथराव में ट्रेन की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। सूचना पर पहुंची बछरावां थाने की पुलिस ने मोर्चा संभाला और भीड़ को किसी तरह तितर-बितर किया।


मारपीट करने वाले दो युवकों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। पीड़ित परिवार के सदस्य बीच में ही यात्रा रद्द कर बछरावां में उतर गए। हंगामे के कारण रेलगाड़ी बछरावां में करीब पौन घंटे खड़ी रही। 
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मूलरूप से संतकबीर नगर जिले के चंदहर निवासी भानुप्रताप और राना प्रताप का परिवार लखनऊ के चिनहट में रहता है। दोनों परिवार के सदस्यों शुभम प्रताप सिंह, शिवम सिंह, नेहा सिंह, गुंजन सिंह, प्रमिला सिंह, शालू, खुशी सिंह के साथ गंगा गोमती ट्रेन से विंध्याचल दर्शन के लिए जा रहे थे।


ट्रेन में कुछ युवकों ने सीट पर बैठने को लेकर भानु और राना के परिवार के सदस्यों के साथ नोकझोंक की। विरोध करने पर युवक मारपीट पर आमादा हो गए। बात इतनी बढ़ी कि युवकों ने अपने कई साथियों को बछरावां स्टेशन पर बुला लिया। जैसे ही गाड़ी बछरावां स्टेशन में रुकी स्टेशन पर खड़े कई युवक बोगी में घुस गए और राना और भानु के परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी।


ऑन ड्यूटी स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि हंगामा देखकर बछरावां थाने से फोर्स बुला ली। कोतवाल रावेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ भीड़ को खदेड़ना चाहा तो उत्पाती युवकों ने पथराव शुरू कर दिया गया।


मौके पर बछरावां के प्रदीप और बबलू को हिरासत में लिया गया है। कोतवाल के मुताबिक दोनों युवकों की शिनाख्त पीड़ित परिवार ने की है। पीड़ित परिवार के सभी लोग बछरावां में उतर गए, क्योंकि शुभम, नेहा, शिवम, प्रमिला को काफी चोटें आईं हैं। सभी को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी भेजा गया है।


चारबाग में ही बन गई थी रणनीति, बरती लापरवाही
पीड़ित परिवार का कहना है कि चारबाग में ही सीट पर बैठने को लेकर युवकों ने हंगामा किया था। इसकी शिकायत लखनऊ जीआरपी से की तो युवक को पकड़ा गया, लेकिन ट्रेन के छूटते ही युवक को भी छोड़ दिया गया।


इससे वह युवक फिर ट्रेन में चढ़ गए और रास्ते भर नोकझोंक करते रहे। चारबाग में ही उस युवक ने बछरावां में देख लेेने की धमकी दी। यदि लखनऊ में युवक को न छोड़ा जाता तो ऐसी घटना न घटती।


घटना के समय पास कराई गईं तीन ट्रेनें
जिस समय बछरावां में गंगा गोमती के साथ घटना घटी, उस समय बछरावां से होकर तीन ट्रेनें पास कराई गई। रेलवे सुरक्षा बल के दो-तीन जवान हंगामे को नियंत्रित करने के बजाए दूसरी ट्रेनों को पास कराने में लगे रहे।


गंगा गोमती को बछरावां स्टेशन पर लेने से पहले लखनऊ की ओर जा रही 14209 इंटरसिटी एक्सप्रेस को करीब 25 मिनट रोका गया। जैसे ही गंगा गोमती बछरावां में रुकी, वहां पर पहले से खड़ी इंटरसिटी को दो मिनट बाद छोड़ा गया।


हंगामा चल ही रहा था कि 14257 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को पौन आठ बजे और 14207 पद्मावत एक्सप्रेस को सवा आठ बजे निकाला गया। इसके बाद गंगा गोमती ट्रेन चलाई गई।


तहरीर मिली तो जीआरपी में दर्ज होगा मुकदमा
गंगा गोमती ट्रेन में सीट पर बैठने को लेकर झगड़ा हुआ था। बछरावां में ट्रेन के रुकते ही मारपीट और पथराव भी हुआ। वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। बछरावां पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। पीड़ित परिवार की तरफ से तहरीर मिली तो घटना की एफआईआर जीआरपी थाने में दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -रवींद्र कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष, जीआरपी

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