डीह थाना क्षेत्र में मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं मृतका का भाई, मां और बेटा घायल हो गए। परिवार के सभी पांच लोग एक ही बाइक पर सवार थे।
इस दर्दनाक हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने डीह-फुरसतगंज रोड जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेना चाहा तो ग्रामीणों से जमकर नोकझोंक हुई।
करीब पांच घंटे तक ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। काफी मानमनौवल के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और जाम हटा।
अमेठी जिले के जायस कोतवाली क्षेत्र के पूरे बक्शी गांव का सतीश अपनी मां गुड्डा देवी, बहन निशा और निशा की बेटी खुशी व बेटे राज को बाइक से लेकर सोमवार को ससुराल गया था, जहां से वह लौट रहा था।
डीह-फुरसतगंज रोड पर मऊ गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे सभी सड़क पर गिर गए। इनमें निशा (32) और उसकी बेटी खुशी (6) के ऊपर से ट्रॉली के पहिए गुजर गए।
इससे दोनों की घटनास्थल पर मौत हो गई। वहीं सतीश, गुड्डा और राज घायल हो गए। मां-बेटी पहिए के नीचे दबे ही थे, तभी आसपास के ग्रामीणों के आने पर चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया।
दर्दनाक हादसा देख नाराज ग्रामीणों ने फुरसतगंज रोड पर जाम लगा दिया। एसओ केपी यादव फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने ट्रॉली के नीचे दबे शवों को निकालने की कोशिश की तो ग्रामीण भड़क उठे।
दोनों के बीच तीखी तकरार हुई। लोग चालक पर कार्रवाई और परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। एसडीएम डीपी मिश्रा, सीओ अल्का धर्मराज ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सतीश बाइक चलाते समय हेलमेट नहीं पहने था। एसओ ने कहा कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।