रायबरेली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने शनिवार को बछरावां में एक गोदाम में छापा मारकर 18 बोरी (5.40 क्विंटल) भूना चना पकड़ा।
जांच में चना रंगा हुआ मिला, जिस पर उसे सील कर कब्जे में ले लिया। उसका नमूना विधि विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। बताया जा रहा है कि यह चना कानपुर की एक फर्म से बेचने के लिए लाया गया था।
एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी को सूचना दी गई थी कि कानपुर से रंगा हुआ भूना चना बेचने के लिए बछरावां लाया गया है।
सूचना पर एफएसओ अमरनाथ, रमाशंकर, नितिन कुमार, कृष्णाकांत की टीम ने महराजगंज रोड बछरावां स्थित राजू के गोदाम पर छापा मारा। टीम ने भूने चने को पानी में डालकर चेक किया तो पानी में कलर छूटने लगा।
जांच में चना रंगा हुआ प्रतीत हुआ। इसके बाद टीम ने चने को सील कर कब्जे में ले लिया। साथ ही नमूना जांच के लिए विधि विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ जांच के लिए भेजा गया है। कार्रवाई से गोरखधंधे में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया।
कैंसर का कारक भी हो सकता है कलर: डॉक्टर
गुणवत्ता विहीन किसी भी खाद्य पदार्थ के सेवन से सेहत को नुकसान हो सकता है। कई ऐसे भी कलर हैं जो कैंसर के कारक हैं।
चने की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उससे सेहत को होने वाले नुकसान का सही पता चलेगा, लेकिन मिलावटी खाद्य पदार्थ कभी भी सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। इसका दूषित प्रभाव सेहत पर पड़ता है।
डॉ. प्रमोद कुमार, मेडिसिन विभाग, एम्स