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आधी आबादी ने भी रायबरेली की सियासत में किया राज

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रायबरेली। गांधी परिवार के गढ़ की सियासत में आधी आबादी ने राज किया है। महिला के तौर पर इंदिरा गांधी, शीला कौल दो-दो बार जबकि मौजूदा सांसद सोनिया गांधी चार बार यहां से चुनाव जीतकर संसद पहुंच चुकीं हैं। इंदिरा गांधी ने तो प्रधानमंत्री का सफर तय किया।
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प्रमुख राजनीतिक दलों में कांग्रेस ने ही हमेशा महिला उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा। चाहे फिर भाजपा रही हो या फिर सपा, बसपा। गांधी परिवार के सामने अपने प्रत्याशी तो चुनाव मैदान में उतारे, लेकिन महिला प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया।


कब महिला प्रत्याशी ने हासिल की जीत
वर्ष विजेता प्रत्याशी पार्टी
1967 इंदिरा गांधी कांग्रेस
1971 इंदिरा गांधी कांग्रेस
1989 शीला कौल कांग्रेस
1991 शीला कौल कांग्रेस
2004 सोनिया गांधी कांग्रेस
2006 सोनिया गांधी कांग्रेस
2009 सोनिया गांधी कांग्रेस
2014 सोनिया गांधी कांग्रेस


रायबरेली से जीत का सिरमौर बंधने पर बनीं प्रधानमंत्री
दो बार इंदिरा गांधी यहां से चुनाव जीतीं और प्रधानमंत्री बनीं। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह यहां आती थीं और लोगों से मिलतीं थीं। हालांकि 1977 में इंदिरा गांधी को हार का सामना करना पड़ा था। महिला के तौर चुनाव जीतकर इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचीं।
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भाजपा, बसपा, सपा ने पुुरुषों पर किया भरोसा
महिलाओं को टिकट देने के बजाय भाजपा, बसपा, सपा ने पुरुष उम्मीदवारों पर ही भरोसा किया, लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर पाए। वर्ष 2004 में सपा ने अशोक सिंह, बसपा ने राजेश यादव को चुनाव मैदान में उतारा था।


वर्ष 2006 के लोकसभा के उपचुनाव में सपा ने राजकुमार, भाजपा ने विनय कटियार, जबकि वर्ष 2009 के चुनाव में बसपा ने आरएस कुशवाहा, भाजपा ने आरबी सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा ने अजय अग्रवाल, बसपा ने प्रवेश सिंह को टिकट दिया था। बावजूद ये सभी प्रत्याशी चुनाव हार गए। इस बार सोनिया के सामने भाजपा नेता व एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को उतारा गया है।
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