रायबरेली। भाकपा (माले) ने शुक्रवार को विकास भवन परिसर में धरना प्रदर्शन किया। संगठन ने आशा, मिड डे मील और आंगनवाड़ी वर्कर्स को कम पारिश्रमिक देने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदेश सरकार से आशा वर्कर्स के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग की।
भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य विजय विद्रोही ने सरकार पर मेहनतकश लोगों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 6 फरवरी 2026 को आशा वर्कर्स यूनियन और सरकार के बीच 10 हजार रुपये के भुगतान सहित 12 मांगों पर समझौता हुआ था। आरोप लगाया कि सरकार छह माह बाद भी इसे लागू नहीं कर रही है। मिड डे मील वर्कर्स का पांच माह का बकाया मानदेय भी नहीं दिया गया है।
भाकपा माले जिला सचिव हनुमान अंबेडकर ने सिंचाई और पेयजल संकट उठाया। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शन के बाद जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया।