रायबरेली। कवि पंकज प्रसून की ‘आओ गांव बचाएं’ मुहिम के तहत पहला काढ़ा कैफे सतांव विकास क्षेत्र के लोहड़ा गांव में खुला। रविवार को पंकज प्रसून ने काढ़ा कैफै का शुभारंभ किया, जहां सभी को कुल्हड़ में काढ़ा पिलाया गया। इस कैफे को पहले से चल रहे कोविड केयर एंड हेल्प सेंटर में खोला गया है। खांसी के मरीजों को भाप मशीन भी वितरित की गईं।
राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. संजीव ओझा ने बताया कि सर्दियों के अलावा गर्मियों में भी काढ़े का सेवन करना चाहिए। बस मात्रा एक कप से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। खाली पेट काढ़ा नहीं पीना चाहिए।
मुहिम के कोऑर्डिनेटर नीरज शुक्ला ने बताया कि 10 सेंटर और खोले जाएंगे। सड़क और नुक्कड़ के टी-स्टॉल वालों को काढ़ा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ग्रामीणों को मास्क देने के साथ ही उसे पहनने का सही तरीका बताया गया।
पंकज प्रसून ने बताया कि सितंबर में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना है। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों को काढ़ा को अपने दिनचर्या में शामिल करना होगा।
उन्होंने ग्राम वासियों को काढ़े के फायदे बताए। उन्होंने बताया कि कोविड केयर एंड हेल्प सेंटर पर विश्वास ट्रस्ट की ओर से कोविड केयर किट बांटी जा रही है। अब तक 120 से ज्यादा लोगों को किट दी जा चुकी है। गांवों में 10 ऑक्सीजन बेड बनाए जा चुके हैं।