रायबरेली। कमला नेहरू ट्रस्ट के पक्ष में निष्पादित दस्तावेज के निरस्तीकरण के लिए प्रस्तुत दावा में सुनवाई के लिए शासन की ओर से दो लाख 31 हजार पांच सौ रुपये कोर्ट फीस जमा करा दी गई है। जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) डीपी पांडेय ने प्रपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
ट्रस्ट के पक्ष में निष्पादित दस्तावेज के निरस्तीकरण के लिए शासन की ओर से सिविल जज की अदालत में दो माह पूर्व अक्तूबर में एक वाद दाखिल किया गया था। मामले में सुनवाई के लिए कोर्ट फीस जमा न होने के कारण वाद मिसलेनियस केस के रूप में दर्ज हुआ था।
उधर अदालत के आदेश पर सिविल लाइंस में करीब पांच बीघा जमीन जिला प्रशासन ने खाली करा दी है, लेकिन जिस तरह खाली कराई गई, उसको लेकर और अब पोस्टरबाजी से यह मामला और चर्चा में आ गया है। उधर, कोर्ट फीस जमा हो जाने के बाद सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है।