बेसिक शिक्षण व्यवस्था में सुधार के दावे तार-तार होते नजर आ रहे हैं। पिछले महीने भर से शिक्षकों ने तबादले के लिए खूब जुगाड़ लगाया। यहां तक कि विभाग के आला अफसर भी कई बार गुपचुप तरीके से सूची तक बना डाली, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
वहीं अब शासन की ओर से सख्ती और शिक्षकों के खाली पदों का ब्यौरा सार्वजनिक करने के निर्देश के बाद अफसरों की नींद उड़ गई है।
जिले में करीब 1900 प्राथमिक विद्यालय है। विभाग की ओर से 1182 प्रधानाध्यापक और 3890 सहायक अध्यापक के पद सृजित है।
विभाग की ओर से मिले आंकड़ों में वर्ष 2010 तक ब्यौरा अभी तक तैयार हो सका है। हाल ही में गैर जनपदों से स्थानांतरित होकर आए 161 शिक्षकों ने मनचाहा स्कूल पाने के लिए हर कोशिश की। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों ने भी खूब उत्सुकता दिखाई। यहां तक कि वरीयता क्रम को दरकिनार कर सूची तक तैयार कर डाली।
डीएम के हस्तक्षेप के चलते शिक्षकों की हसरत नहीं पूरी हो सकी। यहां तक कि कई शिक्षकों ने बकायदे चिकित्सीय अवकाश ले लिया। बाद में इन शिक्षकों ने डीएम से मिलकर गुहार तक लगाई। अपनी किरकिरी होती देख बीएसए ने 23 शिक्षकों को नोटिस तक जारी कर दी।
वहीं अब बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से पत्र जारी होने की सूचना के बाद से बेसिक शिक्षकों के तबादले में खेल करने की तैयारी में लगे अफसरों की नींद उड़ गई है। बीएसए से स्कूलवार शिक्षकों के खाली पदों का ब्यौरा सार्वजनिक कर शासन से जारी वरीयता क्रम के अनुसार तबादले करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में जुगाड़ लगाने वाले शिक्षक और अफसरों में हड़कंप मचा है।
स्थानांतरित शिक्षकों पर एक नजर
रायबरेली से गैर जनपदों को गए शिक्षक 162
महिला शिक्षक 39, पुरुष शिक्षक 123
गैर जिलों से रायबरेली आए शिक्षक 161
महिला शिक्षक 65, पुरुष शिक्षक 95, दिव्यांग शिक्षक 01
संशोधन के लिए आनेदन करने वाले शिक्षक 115
वसूली के चक्कर में नहीं हो रही तैनाती
हर किसी की चाहत शहर के नजदीक रहना है। ऐसे में लुभावना ऑफर तक देने में शिक्षक नहीं हिचक रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग के अफसर कमाई के चक्कर में जानबूझकर इन विद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती नहीं कर रहे हैं। हाल ही में शहर की शारदा देवी, शबाना, जगन्नाथ प्रसाद, गोवर्धन, राममोहन समेत कई लोगों ने बेसिक शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम अनूप कुमार झा को सौंपा। इसमें शिक्षण व्यवस्था में व्याप्त खामियों को दूर करेन की मांग की थी।
शासन की मंशानुरूप ही संशोधन और तबादले किए जाएंगे। शासन की ओर से जो भी आंकड़े मांगें जाएंगे उपलब्ध किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों में खाली पदों का ब्यौरा एकत्र कराया जाएगा। निर्देश मिला तो सार्वजनिक किया जाएगा। कहीं पर किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।-जीएस निरंजन, बीएसए