रायबरेली। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही शुक्रवार को उजागर हुई। जिला अस्पताल में एंटीजन जांच में संक्रमित मिली युवती को सीएमएस ने आननफानन रेलकोच के एल-2 अस्पताल के लिए रेफर करा दिया।
एल-2 अस्पताल के गेट पर एक घंटे से अधिक समय तक युवती तड़पती रही, लेकिन चिकित्सक ने उसे देखने तक की जहमत नहीं उठाई। भर्ती न किए जाने के बाद मां व परिवार के लोग युवती को लेकर घर चले गए। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने एल-2 अस्पताल पहुंचकर पड़ताल की।
जफरापुर की एक युवती (19) को उसकी मां इलाज कराने के लिए शुक्रवार को जिला अस्पताल लेकर आई थी। एंटीजन से कोरोना की जांच में वह संक्रमित निकली। संक्रमित किशोरी की हालत नाजुक नहीं थी।
ऑक्सीजन लेवल भी नार्मल था, लेकिन सीएमएस के निर्देश पर चिकित्सक डॉ. बीरबल ने युवती को होम आइसोलेट न करके रेलकोच के एल-2 अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
युवती को एंबुलेंस से एल-2 अस्पताल ले जाया गया, लेकिन एक घंटे से अधिक समय तक युवती इलाज के लिए गेट पर ही पड़ी रही, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ ने उसे देखना तक उचित नहीं समझा।
एक घंटे बाद एल-2 अस्पताल से बाहर आए एक व्यक्ति ने युवती को घर ले जाने की सलाह दी। थक हारकर मां अपनी कोरोना संक्रमित बेटी को लेकर घर चली गई।
मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमएस ने एल-2 अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की। सीएमओ की जांच में संक्रमित युवती एल-2 में भर्ती लायक नहीं मिली।
उसका ऑक्सीजन लेवल भी सामान्य मिला। स्वास्थ्य विभाग के लापरवाहों की वजह से मां और उसकी कोरोना संक्रमित बेटी को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंत्रियों की विजिट के एक दिन बाद ही संवेदनहीनता
कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, राज्यमंत्री दिनेश खटिक ने पांच मई को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था और रोगियों को बेहतर व्यवस्था दिए जाने का आदेश दिया था, लेकिन मंत्रियों के जाने के एक दिन बाद ही जिला अस्पताल में घोर लापरवाही सामने आई है। डॉक्टरों की लापरवाही से कोरोना पीड़ित और रोगियों को भटकना पड़ा। जाहिर है कि यहां के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को मंत्रियों का कोई डर नहीं है।
नॉन कोविड हॉस्पिटल, इसी कारण रेफर कराया : सीएमएस
जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीता साहू का कहना है कि युवती एंटीजन जांच में कोरोना संक्रमित मिली। पोर्टल पर उसकी डिटेल अपडेट कराने के बाद उसे रेल कोच के एल-2 अस्पताल रेफर करा दिया। जिला अस्पताल नॉन कोविड हॉस्पिटल है। यहां कोविड मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था नहीं है। इसी कारण एल-2 रेफर कराया गया है।
जिला अस्पताल में एंटीजन में संक्रमित मिली युवती को सामान्य बुखार है। वह एल-2 में भर्ती कराने लायक नहीं थी। उसे होम आइसोलेट कराया गया है। एल-2 अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की गई है। एल-2 में लापरवाही नहीं की गई। युवती की हालत नाजुक नहीं है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ