रायबरेली। कोरोना संक्रमितों के इलाज और डिस्चार्ज के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने सामान्य लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेट करने के आदेश दिए हैं।
सिर्फ गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। घरों में एक कमरे में एक से अधिक संक्रमित मरीज रखे जा सकते हैं, लेकिन गैर संक्रमित लोगों को अलग कमरे और शौचालयों का प्रयोग करना होगा।
सीएमओ डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि अपर निदेशक का पत्र आया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन मरीजों के घर में अलग कमरे और शौचालय की व्यवस्था नहीं है, उन्हें होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं दी जाएगी।
ऐसे मरीजों को एल-1 कोविड अस्पताल में रखा जाएगा। होम आइसोलेशन में मरीज का तापमान, श्वसन दर और ऑक्सीजन सेचुरेशन दिन में तीन बार जांचा जाएगा। होम आइसोलेशन वाले मरीजों के प्रारंभिक जांच के दसवें दिन या भर्ती होने के सातवें दिन बिना जांच के डिस्चार्ज किया जाएगा। रोगी को उसके बाद घर में सात दिनों तक क्वारंटीन रहना होगा।
सीएमओ ने बताया कि होम आइसोलेशन शुरू होने से दस दिन तक इंटीग्रेटेड कोविड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए फोन कर रोगियों में लक्षण विकसित होने के बारे में जानकारी ली जाएगी।
कोरोना उपचाराधीन मरीज को यदि सांस लेने में परेशानी हो रही है, सीने में जकड़न और दर्द है, बेचैनी और घबराहट हो रही है तो ऐसे मरीजो को एल-2 और एल-3 कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। हालांकि जांच के बाद ऑक्सीजन की जरूरत न होने पर होम आइसोलेशन में भेज दिया जाएगा।