रायबरेली। छंटनी समेत अन्य मांगों को लेकर तीसरे दिन बृहस्पतिवार को पावर कॉर्पोरेशन के संविदाकर्मी धरने पर बैठे। सभी ने नाराजगी जताई। कहा कि सरकार उन लोगों की उपेक्षा कर रही है। पदाधिकारियों ने कहा कि अभी 72 घंटे के लिए कार्य बहिष्कार किया गया है। जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
निविदा संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डीके सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर 20 कर्मचारियों तथा शहरी विद्युत उपकेंद्रों पर 36 कर्मचारियों को तैनात करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन वर्तमान समय में 20 कर्मचारियों के स्थान पर 13 व 36 कर्मचारियों के स्थान पर 19 कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है। यदि ऐसा हुआ तो बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।
इसी तरह अनुज कुमार रावत, भूपेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मानदेय भुगतान में भेदभाव न किया जाए। ईपीएफ घोटाले की जांच कराने, घायल कर्मचारियों काे कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मांग की। इस मौके पर रामकुमार पाल, अमरेंद्र कुमार, रामबाबू सोनकर, कपिल देव, सतेंद्र सिंह, आजम खान, राजेश यादव मौजूद रहे।