सीएमओ कार्यालय परिसर में मीटिंग हॉल निर्माण के लिए खोदाई के बाद डंप मलबा।
रायबरेली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक मीटिंग हॉल का निर्माण अटक गया है। तीन माह पहले काम शुरू होने के बाद पुराने निर्माण को ध्वस्त करा दिया गया, लेकिन इसके बाद काम ठप हो गया। मलबा भी परिसर में ही डंप कर दिया गया है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। उन्हें अपने वाहन परिसर के बाहर खड़े करने पड़ रहे हैं।
शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंपी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यदायी संस्था ने तीन माह पहले निर्माण शुरू कराया था। संबंधित स्थल पर पुराने निर्माण को ध्वस्त कराकर सफाई का काम शुरू किया गया, लेकिन बाद में काम रोक दिया गया। मलबा नहीं हटाए जाने से परिसर में अव्यवस्था बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि निर्माण शुरू होने से पहले परिसर में लगे कई पेड़ों की कटान होनी है। इसके लिए नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा।
प्रस्तावित भवन के भूतल पर सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त बैठक कक्ष बनाया जाएगा। ऊपरी तल पर अतिथि कक्ष, छोटी रसोई और बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण होना है।
सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि शासन से मीटिंग हॉल के लिए 1.80 करोड़ रुपये मिले हैं। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था को दी गई है। पेड़ों की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। एजेंसी को परिसर से मलबा हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।