रायबरेली में सोमवार को कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन में जिलाध्यक्ष उमा शंकर मिश्रा को श्रद्धांजलि देने के बाद परिवारीजनों से मिलती प्रियंका वाड्रा।
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कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सहयोगी उमाशंकर मिश्र का सोमवार को हार्ट अटैक से लखनऊ में निधन हो गया। 93 वर्षीय स्व. मिश्र कांग्रेस के रायबरेली जिलाध्यक्ष थे। दोपहर बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने तिलक भवन पहुंच उमाशंकर मिश्र को श्रद्धासुमन अर्पित किए। शाम को डलमऊ के गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मूलरूप से सतांव ब्लॉक क्षेत्र के सुल्तानपुर खेड़ा गांव के रहने वाले कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर मिश्र (93) घंटाघर चौराहे पर परिवार समेत रहते थे। सोमवार को तड़के उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां हार्ट अटैक के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। दीवानी कचहरी स्थित तिलक भवन कार्यालय में उनका शव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। कांग्रेसियों के साथ-साथ आम जनता व व्यापारी समेत हर तबके के लोगों ने दिवंगत नेता को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
वह अपने पीछे बेटे प्रहलाद मिश्रा एडवोकेट और तीन बेटियों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। स्व. मिश्र पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अनन्य सहयोगी थे और उनके चुनाव प्रतिनिधि का दायित्व भी निभाते थे। सूचना मिलने पर दोपहर बाद प्रभारी के रूप में जिले की कमान संभाल रही प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली से रायबरेली पहुंची।
उनके साथ सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरीलाल शर्मा भी थे। उमाशंकर मिश्रा से गहरा लगाव होने के कारण प्रियंका की भी आंखें भर आईं। अंतिम यात्रा में प्रियंका वाड्र्रा समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे। डलमऊ गंगाघाट पर शाम को उनका अंतिम संस्कार हुआ।