रायबरेली। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की रैंकिंग में तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में उत्तर प्रदेश में रायबरेली को पहला स्थान मिला है, जबकि देश में यह 17वें स्थान पर रहा है। पिछले साल 2025 में देश में रायबरेली की सातवीं रैंकिंग थी, लेकिन सर्वे के दौरान जेल रोड के खस्ताहाल होने के कारण इस बार राष्ट्रीय स्तर पर स्थान थोड़ा खिसक गया।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत होने वाले इस सर्वेक्षण के संबंध में जिला प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि प्रदेश के तीन लाख से कम आबादी वाले चार शहरों रायबरेली, खुर्जा, अनपरा और गजरौला को संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान मिला है। जेल रोड की मरम्मत पूरी होने के बाद अब नगर पालिका के अफसर 2027 के सर्वेक्षण में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने की तैयारी में जुट गए हैं।
हवा शुद्ध करने के लिए हुए कई प्रयास
शहर की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए कई प्रयास किए गए, जिनमें सड़कों का डामरीकरण और इंटरलॉकिंग, सीमा क्षेत्रों में पौधारोपण, कूड़ा निस्तारण प्लांट की स्थापना, एयर इंडेक्स मॉनिटर को सक्रिय करना और चौराहों पर जाम रोकना शामिल हैं। साथ ही, ईंट भट्ठों के लिए वायु प्रदूषण की एनओसी अनिवार्य करने, एसटीपी लगाने, कूड़े से खाद बनाने, पार्कों में कंपोस्ट पिट बनवाने और फूलदार पौधे लगाने के साथ शहर को साफ-सुथरा रखने की कोशिश की गई।
सीमित संसाधनों से हवा को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए। हम देश की रैंकिंग में जरूर पिछड़े हैं, लेकिन यूपी में रायबरेली को पहला स्थान मिला है। कमियों को दूर कर वर्ष 2027 की रैंकिंग में देश में पहला स्थान पाने का प्रयास किया जाएगा।
स्वर्ण सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद रायबरेली