सरेनी। ब्लॉक के 26 ग्राम पंचायतों में पानी की टंकियों का निर्माण और जलापूर्ति का दावा हवाई साबित हो रहा है। कहीं दो तो कहीं पर तीन साल से पानी की टंकी का निर्माण अधूरा है, लेकिन जल निगम का दावा है कि ग्राम पंचायतों में पानी की आपूर्ति हो रही है। मजबूर होकर लोग हैंडपंपों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
सरेनी ब्लॉक क्षेत्र में 81 ग्राम पंचायतें हैं। इन गांवों की आबादी करीब दो लाख से ज्यादा है। हर घर पानी पहुंचाने के लिए शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना के तहत 79 जगहों पर पानी टंकी का निर्माण होना है। विभाग का दावा है कि 26 जगह टंकियों का निर्माण हो गया है। 53 ग्राम पंचायतों में टंकियों का निर्माण चल रहा है। खास बात यह है जिन गांवों में टंकियों का निर्माण हो गया है, वहां अधिकांश गांवों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। कहीं पर पाइप लाइन लीकेज हैं, तो कहीं पर मोटर खराब है।
रमईपुरकला, पहुंरी, मदईखेड़ा, खानपुर, लखनापुर, सरेनी, बहादुरपुर आदि ग्राम पंचायतों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। सुनील प्रधान, सुशील प्रधान, पिंटू, शिव मोहन ने बताया कि यहां जलस्तर 70 से 80 फीट नीचे हैं। इस वजह से लोग हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं। कई ग्राम पंचायतों का पानी इतना दूषित है कि हैंडपंप गल जाते हैं। यही पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं।
इनसेट
जलजीवन मिशन योजना के तहत अधिकांश गांवों में पानी की आपूर्ति हो रही है। बजट की कमी के चलते काम सुस्त गति से चल रहा है, जहां पर पानी की टंकी नहीं बनी, वहां पर सीधे पंप चलाकर पानी की आपूर्ति कराई जा रही है।
शफीकुर्रहमान, अधिशासी अभियंता, जलनिगम ग्रामीण