रायबरेली। अभी परिषदीय विद्यालयों में अभी ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से शिक्षण कराया जा रहा है। बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं तो मध्याह्न भोजन भी नहीं बन रहा है। ऐसे में बच्चों को तय मानक के अनुरूप अनाज दिया जा रहा है।
इस बार बच्चों को 49 दिनों का राशन देने के लिए अनाज कोटेदारों तक पहुंचाया जा रहा है। बच्चे या उनके अभिभावक स्कूल से प्राधिकार पत्र बनवाकर कोटे की दुकान से राशन ले सकते हैं।
इस बार जुलाई एवं अगस्त महीने के 49 दिनों का अनाज व परिवर्तन लागत देने का फैसला लिया गया है। इसके पहले लॉकडाउन एवं ग्रीष्मावकाश अवधि के 76 दिनों का राशन व कनवर्जन कॉस्ट दी गई थी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मध्याह्न भोजन के तहत कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को राशन मिलना है। प्राथमिक स्तर पर 100 ग्राम प्रतिदिन की दर से कुल 4.900 किग्रा. राशन मिलेगा। जिसमें 3.270 किग्रा. चावल एवं 1.630 किग्रा. गेहूं शामिल है।
जूनियर स्तर पर 150 ग्राम प्रतिदिन की दर से 7.350 किग्रा. राशन मिलेगा। जिसमें 4.900 किग्रा. चावल और 2.450 किग्रा. गेहूं शामिल है। अनाज के लिए स्कूल से प्राधिकार पत्र जारी किया जाएगा।
जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों के लिए 1868.10 क्विंटल गेहूं और 3329.39 क्विंटल चावल, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 1173.08 क्विंटल गेहूं और 2366.63 क्विंटल चावल भेजा गया है।
इस तरह 3041.18 क्विंटल गेहूं और 5696.02 क्विंटल चावल आवंटित किया गया है। यह राशन कोटे की दुकानों में पहुंचने लगा है। दूसरी तरफ प्राथमिक स्तर पर 4.97 रुपये प्रतिदिन की दर से 243.50 रुपये और जूनियर स्तर पर 7.45 रुपये प्रतिदिन की दर से 365 रुपये का भुगतान कनवर्जन कॉस्ट के रूप में किया जाना है।
बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि एमडीएम के तहत अनाज की उठान शुरू हो गई है। विद्यालय से प्राधिकार पत्र लेकर कोटे की दुकान से राशन प्राप्त कर लें। कनवर्जन कॉस्ट का बजट मिलते ही उसे भी खातों में भेज दिया जाएगा।