ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव अरुण सिंघल के सामने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों की अवैध वसूली की कलई खुल गई। बछरावां सीएचसी पहुंचे प्रमुख सचिव के सामने यह मामला आया।
दर्द से कराह रही प्रसूता से 500 रुपये वसूलने के बाद उसे भर्ती करके प्रसव कराया गया। गुस्साए प्रमुख सचिव ने सीएमओ को मामले की जांच करकर दोषी पर कार्रवाई के आदेश दिए।
शुक्रवार को लखनऊ वापस होते समय प्रमुख सचिव अरुण सिंघल ने बछरावां सीएचसी का निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती जलालपुर निवासी गुड़िया के पिता अजय रावत ने प्रमुख सचिव को बताया कि वह गुरुवार को बेटी को लेकर अस्पताल आया।
डॉक्टर ने एक हजार रुपये मांगे। इंकार करने पर कहा यहां प्रसव नहीं हो पाएगा, रायबरेली ले जाना होगा। बाद में 500 रुपये दिया तो बेटी को भर्ती करके प्रसव आसानी से कराया।
मामले को सुनकर बगल में खड़े सीएमओ डॉ. राकेश कुमार की ओर देखते हुए उन्होंने गुस्सा जताया। कहा कि सीएमओ मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।