एनआरएचएम घोटाले की जांच के लिए सीबीआई टीम ने जिले में डेरा डाल दिया है। सोमवार को टीम सीएमओ दफ्तर पहुंची। इसके बाद महराजगंज फिर हरचंदपुर सीएचसी में छापा मारा। दवाओं की खरीद समेत योजना से जुड़े अन्य दस्तावेज चेक किए। कई लोगों से पूछताछ भी की गई।
वित्तीय वर्ष 2011-12 में स्वास्थ्य विभाग के बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले का वास्ता कहीं न कहीं जिले से भी है। यहां भी योजना के नाम पर भारीभरकम गबन किया गया। इसी तक तह तक जाने के लिए सीबीआई टीम सोमवार को रायबरेली पहुंची।
टीम ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंच कर सीएमओ डॉ. राकेश कुमार से मुलाकात की। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों में जांच के लिए निकल गई। हालांकि टीम को महराजगंज, हरचंदपुर और बछरावां सीएचसी छापेमारी करनी थी, लेकिन टीम ने बछरावां सीएचसी नहीं पहुंची।
सिर्फ महराजगंज और हरचंदपुर में ही जाकर पड़ताल की। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि घोटाले की जांच के लिए टीम आई थी। टीम ने कई सीएचसी जाकर भी छानबीन की। महराजगंज सीएचसी में सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमार संजय की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम ने कर्मचारियों से दवा खरीद, नसबंदी के दौरान कॉपरटी वितरण व स्टॉक के दस्तावेज तलब किए।
बताते हैं कि टीम करीब छह घंटे तक सीएचसी में रही। सभी दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया। इस दौरान कई कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई। सीबीआई टीम ने सीएचसी पहुंच कर दवाओं की खरीद के बारे में छानबीन की।
वर्ष 2011-12 के दौरान तैनात रहे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी और फार्मासिस्ट को तलब किया। इनसे पूछताछ की। छानबीन पूरी करने के बाद टीम लौट गई। अधीक्षक भावेश सिंह ने बताया कि टीम जांच कर लौट गई।