मिल एरिया थाना क्षेत्र में रायबरेली-सुल्तानपुर रोड का गड्ढा सत्य नगर निवासी अनुदेशिका श्वेता श्रीवास्तव की मौत की वजह बन गया।
18 दिसंबर को वह स्कूटी से स्कूल जा रही थी, तभी हाईवे पर गड्ढे में अनियंत्रित हो कर गिर गई। इसी दौरान सामने से आए टैंकर ने उसे रौंद दिया। इस घटना के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के पूरे गोसाई का रहने वाला अमरजीत करीब एक महीने पहले बाइक से कहीं जा रहा था। रायबरेली-फैजाबाद रोड पर सिधौंना के पास उसकी बाइक का पहिया एक गड्ढे में पड़ गया।
जिससे वह अनियंत्रित होकर बाइक समेत खड्ड में चला गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हुआ। एक सप्ताह तक होश नहीं आया। लंबा इलाज चला तो जाकर जान बची।
जिले में बदहाल सड़कों की वजह से आए दिन कोई न कोई दुर्घटना हो रही है।
अनुदेशिका की मौत और युवक के घायल होने की घटना तो महज एक उदाहरण है।
खास बात ये है कि ऐसी तमाम घटनाएं होने के बावजूद अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही। सड़कों की मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही है।
शहर से लेकर गांव तक सड़कों पर चलना दुश्वार है। रायबरेली-सुल्तानपुर मार्ग, रायबरेली-फैजाबाद (एनएच), डलमऊ-जगतपुर रोड, कुचरिया-विश्वनाथगंज, जगतपुर-सलोन मार्ग हो या फिर शहर की जहानाबाद-रतापुर, घंटाघर-मधुबन होटल क्रॉसिंग रोड।
ज्यादातर सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। हर साल तमाम लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, लेकिन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेते।
सड़कों की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर के मोहद्दीनपुर निवासी करुणा शंकर, मलिकमऊ रोड निवासी अवधेश प्रताप सिंह, जगतपुर निवासी राजेश अग्निहोत्री व अमावां ब्लॉक के सिधौंना निवासी इफ्तिखार अहमद का कहना है कि सड़कों की दशा में सुधार कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
इस सच्चाई से विभागीय अफसर भी अच्छी तरह से वाकिफ हैं, लेकिन सड़कों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहें। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा ही जनता को भुगतना पड़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरविंद कुमार का कहना है कि सड़कों के रखरखाव पर ध्यान दिया जा रहा है। बजट के हिसाब से रखरखाव कराया जा रहा है।
निर्माणाधीन सड़कों का कार्य भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जो सड़कें गड्ढायुक्त हैं, उनकी भी मरम्मत कराई जाएगी।