-त्रिपुला स्थित वर्कशॉप में रखे ट्रांसफार्मर।
रायबरेली। जिले के पांच लाख उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से राहत दिलाने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता की वृद्धि की जाएगी। इससे लोगों को लोवोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी। अभियंताओं ने वर्ष 2025-26 में 212 ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता की वृद्धि कराने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इसमें 10 केवीए से लेकर 100 केवीए के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
अभी तक शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में करीब 25 हजार ट्रांसफार्मर लगे हैं। इन ट्रांसफार्मरों से करीब पांच लाख बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति होती है। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को लोवोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 400 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं। इन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होने से लोगों को भरपूर बिजली मिलेगी।
इन ट्रांसफार्मरों की होगी क्षमता वृद्धि
10 से 25 केवीए - 01
16 से 25 केवीए - 56
25 से 63 केवीए - 138
63 से 100 केवीए - 14
100 से 250 केवीए - 03
क्षमता वृद्धि के लिए भेजे गए प्रस्ताव
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का काम शुरू कराया जाएगा।
- अनुभव कुमार, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पाेरेशन