रायबरेली। नगर पालिका में अधिकारियों की कमी का असर विकास कार्यों पर दिख रहा है। खासकर एई की तैनाती न होने से शहर में नए निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। जबकि शहर में कई नई सड़कों की मरम्मत कराई जानी है, जिसके लिए करोड़ों रुपये डंप पड़े हैं। पालिकाध्यक्ष ने शासन को पत्र लिखकर जल्द एई की तैनाती की मांग की है।
इसी साल 30 सितंबर को सहायक अभियंता सिविल (एई) यमुना सिंह सेवानिवृत्ति हो गए। उसके बाद से अब तक नया एई तैनात नहीं हो पाया है। जिससे नए निर्माण कार्यों का स्टीमेट नहीं बन पा रहा है। शहर की कई सड़कों की मरम्मत होनी है, जिसके लिए दो करोड़ रुपये डंप हैं।
खस्ताहाल सड़कों से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही नहीं अवर अभियंता (सिविल) के दो में से एक पर ही जेई तैनात है। जिससे नए निर्माण कार्यों पर ब्रेक सा लग गया है।
यही नहीं जलकल अभियंता की तीन साल से तैनाती नहीं हो सकी है। ऐेसे में एक जेई के सहारे शहर की ढाई लाख आबादी को पेयजल आपूर्ति होती है। जलकल अभियंता के न होने से जलापूर्ति प्रभावित रहता है। इंदिरा नगर, मलिकमऊ आइमा, सत्य नगर, गोरा बाजार आदि मोहल्लों में पाइप लाइनें ध्वस्त हो गई हैं। इससे लोगों के घरों में पानी आपूर्ति पूरी क्षमता के साथ नहीं हो पा रही है। वहीं अमृत योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइनें भी चोक हो गईं हैं। ै।
नगर पालिका में तैनात कर निर्धारण अधिकारी का गैर जनपद तबादला हो गया है। एक माह से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन नए कर निर्धारण अधिकारी की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे कर निर्धारण नहीं हो पा रहा है। जमीन की वरासत का काम ठप हो गया है। वहीं कर अधीक्षक की भी तैनाती नहीं है। जिससे नगर पालिका की जमीन का चिन्हीकरण का कार्य प्रभावित है। कर निर्धारण अधिकारी ही नहीं, बल्कि कर अधीक्षक की तैनाती भी अरसे से नहीं हो पाई है।
नगर पालिका में वैसे तो दो सफाई एवं खाद्य निरीक्षक की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में एक ही सफाई एवं खाद्य निरीक्षक की तैनाती है। इस वजह से शहर के वार्डों में साफ-सफाई का काम प्रभावित चल रहा है। तैनाती को लेकर अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
नगर पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव ने बताया कि नगर पालिका में कई पद खाली चल रहे हैं। खासकर एई की तैनाती न होने के कारण नए निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। शासन को पत्र लिखकर जल्द एई की तैनाती की मांग की गई है। स्टाफ की कमी का असर विकास कार्यों पर पड़ता है। फिलहाल मौजूद स्टाफ से किसी तरह काम लिया जा रहा है।