वहीं गांव के ही छह नामजद और 24 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बलवा समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में एफआईआर की गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दहशत में आए पुरुष घर परिवार छोड़ कर गांव से भाग खड़े हुए।
रविवार को पूरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही दिखाई दिए। पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मतदान के दौरान शनिवार को प्राथमिक विद्यालय गोविंदपुर के बूथ संख्या 57 पर जमकर हंगामा हुआ था।
फर्जी वोटिंग की अफवाह फैलाकर मतपेटी में पानी डालने का प्रयास किया गया था। सूचना पर फोर्स के साथ पहुंचे डीएम एसपी गंगवार और एसपी श्रीकांत के निर्देश पर पुलिस ने आधा दर्जन बूथ एजेंटों को हिरासत में लिया था।
देर रात सभी बूथ एजेंटों को पुलिस ने छोड़ दिया। बूथ एजेंटों को क्लीन चिट देने के बाद एसओ पवन त्रिवेदी ने गोविंदपुर के ही मुनेश कुमार, चंद्रेश, वीरेंद्र, अशोक, कल्लू, अखिलेश के अलावा करीब 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
मामला पंजीकृत होने की सूचना गांव पहुंची तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। गांव के युवा और बुजुर्ग समेत सभी पुरुष घर और परिवार छोड़ कर पलायन कर गए। बस महिलाएं और बच्चे ही बचे हैं।
रविवार को गांव की गलियों में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। थानेदार का कहना है कि बूथ एजेंटों को हिरासत में लिया गया था। पूछतांछ के बाद प्रथम दृष्टया सभी बूथ एजेंट निर्दोष पाए गए।
इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया। मतदान केंद्र पर हंगामा करने वालों छह लोगों को चिह्नित कर लिया गया है। इन छह पर नामजद और दो दर्जन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।