सलोन। घर से लापता तेरहों गांव निवासी नरेंद्र यादव (29) पुत्र मेवालाल का शव सोमवार को तालाब में मिला। नरेंद्र की मौत से परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों ने अन्य क्षेत्रीय लोगों के साथ मिलकर शव वाहन रोकते हुए जमकर हंगामा किया।
इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब एक घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्नी अनीता ने आरोप लगाया कि आरा मशीन मालिक समेत अन्य लोगों ने उनके पति की हत्या की है। इस लिए मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाकर परिजनों का गुस्सा शांत कराया। सीओ लालगंज यादुवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक के तालाब में डूबने से मौत की बात सामने आई है। परिजनों की तरफ से जो आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच कराई जा रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
गांव निवासी नरेंद्र आरा मशीन में मजदूरी करते थे। रविवार सुबह काम करने के लिए आरा मशीन गए थे। इसके बाद देर शाम तक घर वापस लौटकर नहीं आए। पत्नी अनीता ने कोतवाली पुलिस को पति के लापता होने की सूचना दी थी। सुबह इंडस्ट्रियल एरिया औना सदरा गांव के पास तालाब में नरेंद्र का शव मिला। पति का शव देख पत्नी समेत अन्य परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस जब शव को वाहन से पोस्टमार्टम के लिए जाने लगी तो नाराज लोगों ने रायबरेली-प्रतापगढ़ मार्ग स्थित पेट्रोलपंप के पास शव वाहन को रोक कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पत्नी समेत अन्य परिजन ने आरोप लगाया कि नरेंद्र की आरा मशीन मालिक समेत अन्य लोगों ने हत्या कर शव को तालाब में फेंका है। मामले की जांच कर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों परिजनों को समझाकर बमुश्किल मामला शांत कराया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मृतक की पत्नी अनीता ने पुलिस को दी तहरीर में मामले में कार्रवाई किए जाने की मांग की।