जिला महिला अस्पताल, सीएचसी बछरावां, लालगंज और ऊंचाहार में यह सुविधा होगी। इन अस्पतालों में करीब 100-100 यूनिट ब्लड स्टोर करने की क्षमता होगी।
सेंटर खुलने से रोगियों को ब्लड बैंक के चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे। उन्हें तत्काल रक्त मुहैया हो जाएगा। जिले की सीएचसी बछरावां, लालगंज और ऊंचाहार के साथ ही जिला महिला अस्पताल को एफआरयू बनाया गया है।
प्रसव व अन्य केस के ऑपरेशन की सुविधा इन अस्पतालों में की गई है। अस्पतालों में ब्लड न मिल पाने के कारण रोगियों और तीमारदारों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ब्लड की व्यवस्था करने के लिए ब्लड बैंक तक की दौड़ लगाने में कई बार रोगी की जान पर भी बन आती है। शासन ने ब्लड की कमी से होने वाली मौत रोकने के लिए सभी एफआरयू में ब्लड स्टोरेज सेंटर खोलने का निर्णय लिया है।
सबसे पहले जिला महिला अस्पताल में यह सेंटर खुलेगा। इसके बाद तीनों एफआरयू बछरावां, लालगंज व ऊंचाहार में ब्लड स्टोरेज सेंटर खोला जाएगा, जिससे मौके पर ही रोगियों के लिए ब्लड की व्यवस्था हो सके।
जिले में इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिला पुरुष अस्पताल स्थित जिले के इकलौते ब्लड बैंक में स्टाफ बढ़ाया जाएगा। इसके लिए भी अनुमति भी मिल गई है।
इसमें दो मेडिकल अफसर, एक-एक पैथालॉजिस्ट, एलटी, नर्स, डाटा इंट्री ऑपरेटर व स्वीपर रखने की अनुमति मिली है। इसके अलावा एफआरयू में खुलने वाले ब्लड स्टोरेज सेंटर में एक-एक सहायक एलटी, स्वीपर व दो लैब टेक्नीशियन तैनात किए जाएंगे।
सीएमओ डॉ. राकेश कुमार यादव ने बताया कि प्रसूताओं और गंभीर रोगियों को तत्काल ब्लड की व्यवस्था कराने के लिए सभी एफआरयू में ब्लड स्टोरेज सेंटर खोला जाएगा। जिला महिला अस्पताल में इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। बछरावां, लालगंज व ऊंचाहार में भी जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी।