रायबरेली में मंगलवार को टेलीमेडिसिन सेंटर में जापान की टीम को जानकारी देते डॉ. अल्ताफ।
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जापान की टीम ने मंगलवार को जिला अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेंटर को देखा। कम स्टाफ होने के बावजूद अच्छा कार्य होने पर खुशी जताई। टीम के सदस्यों ने कहा कि भारत में भी स्वास्थ्य सेवाएं अब बेहतर हो रही हैं, जो एक अच्छा कदम है।
जापान टेली कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग एंड कंसर्टिंग सर्विस के डायरेक्टर इसाव कीमूरा, तनाका यूसिकी और ततसुमी मुनीसेतो मंगलवार जिला अस्पताल स्थित टेलीमिडसिन सेंटर पहुंचे। उन्होंने सेंटर इंचार्ज एवं वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन समेत अन्य यहां के स्टाफ के लोगों से मुलाकात की।
टेक्नीशियन धीरेंद्र कुमार त्रिपाठी से सेंटर से रोगियों को किस तरह लाभ पहुंचाया जा रहा है, इसकी जानकारी की। डॉ. हुसैन ने टीम के सदस्यों को बताया कि टेलीमिडसिन सेंटर के जरिए किसी भी रोग से संबंधित जानकारी तुरंत मिल जाती है।
ऐसा होने पर रोगी का तुरंत इलाज होने से उसकी जान बच जाती है। उन्होंने बताया कि रायबरेली के जिला अस्पताल में वर्ष 2006 से टेलीमेडिसिन सेंटर स्थापित हुआ था, जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। खासकर गंभीर रोगी की इलाज की जानकारी मिलना अच्छा साबित होता है।
टीम के साथ पीजीआई लखनऊ के टेलीमिडिसिन सेंटर के डॉ. विजय भी थे। जापान से आए सदस्यों ने कहा कि जापान में अधिक स्टाफ रहता है और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। वहां की अपेक्षा यहां पर स्टाफ कम है।
बावजूद बेहतर तरीके से सेंटर संचालित कराया जा रहा है, जो एक अच्छा कदम है। कहा कि भारत में अब तेजी से स्वास्थ्य सेवाओं को अच्छा करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। स्टाफ और संसाधन यदि बढ़ा दिए जाएं तो इसका लाभ रोगियों को और मिल सकता है। एक घंटे रुकने के बाद टीम लखनऊ लौट गई।