खीरों। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान एसआईआर की सूची में मंगलवार को बांग्लादेशी का नाम दर्ज मिलने से सनसनी फैल गई। हरचंदुपर विधानसभा के बूथ संख्या 101 के क्रमांक 1268 में अंकित कमल का नाम दर्ज मिला। आरोपी को पिछले साल फर्जी पासपोर्ट सहित अन्य जारी दस्तावेज के साथ गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद वह खीरों कस्बा में कलकत्ता क्लीनिक के नाम से दवाखाना चला रहा है। मामले का खुलासा होने पर बांग्लादेशी युवक दवाखाना में ताला लगाकर फरार हो गया है।
रायबरेली और उन्नाव पुलिस ने 18 अप्रैल 2024 को चार बांग्लादेशियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसमें कमल भी शामिल था। सभी फर्जी पासपोर्ट से यहां आकर रह रहे थे। जेल जाने से जमानत पर बाहर आने के बाद कमल खीरों कस्बा में कलकत्ता क्लीनिक के नाम से दवाखाना चला रहा है। खीरों कस्बा के पुरानी बाजार में उसने मकान भी खरीद लिया है। मंगलवार को एसआईआर फॉर्म भरवाने के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद बीएलओ ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
25 साल पहले देश में आया था बांग्लादेशी परिवार
खीरों कस्बा में कलकत्ता क्लीनिक के नाम से दवाखाना चलाने वाला कमल बांग्लादेशी है। उसका परिवार करीब 25 वर्ष पूर्व पश्चिम बंगाल की सीमा में अवैध घुसपैठ करके देश में दाखिल हुआ था। काफी समय तक कलकत्ता, फिर लखनऊ, उन्नाव आदि में रहने के बाद खीरों आया था। पहले इन घुसपैठियों की गिरफ्तारी न होना, फिर पकड़े जाने के बाद जेल से आकर एक बार फिर दवाखाना चलाना पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। शीघ्र जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।