रायबरेली। जिले में जमीनों और भूखंडों के बैनामों स्टांप चोरी की खामियां ढूंढने आए गाजियाबाद के असिस्टेंट कमिश्नर (स्टांप) बृजेंद्र कुमार शाही ने शुक्रवार को उप निबंधन कार्यालय सदर में बैनामों की पड़ताल की।
इससे पहले उन्होंने महराजगंज, लालगंज, डलमऊ, सलोन और ऊंचाहार उप निबंधन कार्यालयों में एक साल में किए गए बैनामों में स्टांप चोरी खंगाली। देर शाम जांच पूरी होने के बाद वे वापस लौट गए। जल्द ही रिपोर्ट आने के बाद स्टांप चोरी के मामलों में रिकवरी के लिए मुकदमे की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिले के उप निबंधन कार्यालयों में एक साल में करीब 30 हजार जमीनों व भूखंडों के बैनामें कराए गए हैं। इसमें करीब दो हजार बैनामों में स्टांप चोरी की आशंका पर डीएम, एडीएम सहित अन्य अधिकारियों के कार्यालयों में सुनवाई हो रही है।
एक साल में जिले में हुए सभी बैनामों की जांच के लिए शासन स्तर से टीम गठित की गई थी। गाजियाबाद के असिस्टेंट कमिश्नर (स्टांप) बृजेंद्र कुमार शाही के नेतृत्व में टीम ने यहां पहुंचकर बैनामों में खामियां खंगाली।
शुक्रवार को असिस्टेंट कमिश्नर ने उप निबंधन कार्यालय सदर में पहुंचकर बैनामों को चेक किए। इससे पहले उन्होंने जिले के ग्रामीण क्षेत्र की तहसीलों मे हुए बैनामों की पड़ताल की। बैनामों की पड़ताल में उप निबंधक सदर प्रभाष सिंह ने सहयोग किया।
असिस्टेंट कमिश्नर (स्टांप) ने बताया कि सभी रजिस्ट्री दफ्तरों में एक साल में हुए बैनामों की पड़ताल की गई है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जो भी खामियां मिली हैं, उनका निस्तारण करवाया जाएगा। हालांकि असिस्टेंट कमिश्नर की टीम बैनामों को खंगालने के बाद देर शाम वापस लौट गई है।