डीह। नारायनपुर गांव की आबादी करीब 1500 है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण गांव के लोग बीते लंबे समय से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारियों की इस कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को को गांव में प्रदर्शन कर शुद्ध पानी की आपूर्ति कराने की मांग की।
ग्रामीण दीपू सिंह भदौरिया, अनुराग शास्त्री व हनुमान प्रसाद का कहना है कि गांव में करीब 25 इंडिया मार्का हैंडपंप हैं, लेकिन सभी फ्लोराइड युक्त दूषित पानी उगल रहे है। जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइप लाइन डाली गई है, लेकिन आपूर्ति शुरू न होने से लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लोग दूषित पानी पीने से बीमार हो रहे हैं। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव के बब्लू सिंह, डिम्पू सिंह व सभादीन निर्मल ने बताया कि दो साल पहले पानी की टंकी से पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। टंकी जर्जर होने के बाद उसे ध्वस्त कर दिया गया।
बताया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की टंकी तो बनाई गई, लेकिन पानी की आपूर्ति अभी शुरू न होने से क्षेत्र के लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। ग्राम प्रधान राजपती देवी का कहना है कि पेयजल संकट के समाधान के लिए जल निगम के अधिकारियों से मांग की गई है। जल्द समस्या का निदान कराया जाएगा। जल निगम के अवर अभियंता आकिब अंसारी ने बताया की जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकी में अभी कुछ काम शेष है। ठेकेदारों को भुगतान न होने से काम रुका हुआ है। पैसा मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।