रायबरेली। फल विक्रेता हंसराज कश्यप उर्फ बउवा पर फायरिंग के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेठी के अल्तमस ने डेढ़ लाख रुपये लेकर हमलावरों को रिवाल्वर बेची थी। इसी रिवाल्वर से हमलावरों ने फल विक्रेता पर फायरिंग की थी। पुलिस अल्तमस के साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
शहर के गोरा बाजार निवासी हंसराज कश्यप उर्फ बउवा सोमवार रात कैपरगंज स्थित दफ्तर में मौजूद थे। इसी दौरान स्कार्पियो सवार हमलावरों ने दफ्तर में घुसकर हंसराज की पिटाई की थी। रिवाल्वर से उन पर फायरिंग की थी। गनीमत थी कि गोली उनके बगल से निकल गई। हमलावर ने फल विक्रेता से 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने पर घटना को अंजाम दिया था।
सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह के मुताबिक पीडि़त की तहरीर पर शहर के गुरुनानक नगर निवासी जसप्रीत उर्फ जस्सी, उत्तर दरवाजा निवासी चांद अंसारी उर्फ चांद हब्बड़, मिल एरिया थाना क्षेत्र के देवानंदपुर निवासी सतेंद्र सोनकर, अमेठी जिले के फुलवारी निवासी अल्तमस, संग्रामपुर थाना क्षेत्र के कसारा गांव निवासी अनिल दुबे और पांच-छह अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें अनिल दुबे, जसप्रीत और चांद अंसारी को जेल भेजा गया है।
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अल्तमस से रिवाल्वर खरीदने की बात स्वीकार की थी। सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली प्रभारी की अगुवाई में पुलिस टीम गठित की गई है। सीओ सदर के मुताबिक फायरिंग के मामले में जेल भेजे गए आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। अनिल दुबे हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट समेत कुल 17 आपराधिक केस सदर कोतवाली में दर्ज है। जसप्रीत के खिलाफ पांच, जबकि चांद अंसारी के खिलाफ चार आपराधिक केस दर्ज हैं।