फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एम्स को मिली 70 बीघे जमीन, बनेगा न्यूक्लियर व रेडियोथेरेपी भवन

विज्ञापन
रायबरेली में शुक्रवार को एम्स के मेडािकल कॉलेज का भवन। - फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। अब तक 1400 छात्रों की क्षमता के छात्रावास व 600 बेड का हॉस्पिटल तैयार होने के बाद जिला प्रशासन से किसानों से खरीदी 70 बीघा जमीन एम्स को उपलब्ध करा दी है। जमीन मिलते ही एम्स के अधिशासी निदेशक ने न्यूक्लियर व रेडियोरेपी भवन सहित अन्य कार्यों के लिए केंद्र सरकार से 100 करोड़ की डिमांड की है। बजट मिलते ही एम्स के विस्तार का काम तेज हो जाएगा। उम्मीद है कि जुलाई माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले एम्स के विस्तार का काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

एम्स में 13 अगस्त 2018 से ओपीडी शुरू होने के साथ ही विस्तार के लिए किसानों की जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। पहले से उपलब्ध जमीन पर 1400 छात्रों की क्षमता के छात्रावास व स्टाफ के लिए आवास के साथ ही करीब 278 करोड़ की लागत से 600 बेड के एम्स हॉस्पिटल (चिकित्सीय परिसर) तैयार होने के बाद मरीजों के इलाज के साथ ही महत्वपूर्ण जांचे भी आरंभ हो चुकी हैं, लेकिन विभिन्न कारणों से किसानों की जमीन मिलने पर एम्स को कई साल लग गए।
मार्च 2020 में किसानों की जमीन खरीदने करने के लिए शासन से 43 करोड़ मिल गए थे, लेकिन कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने से बजट वापस हो गया था। पिछले साल दोबारा बजट मिलने के बाद प्रशासन ने किसानों की जमीन को खरीदा। जिला प्रशासन ने जमीन का बैनामा कराने के बाद करीब 70 बीघे भूमि एम्स प्रशासन को उपलब्ध करा दी है। किसानों की जमीन मिलने के बाद एम्स के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। पिछले दो साल से जमीन की व्यवस्था न हो पाने के कारण विस्तार नहीं हो पा रहा था।
विज्ञापन

जमीन मिलते ही एम्स के अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने विस्तार के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। पहले चरण में एमबीबीएस छात्र-छात्राओं व स्टाफ के लिए और आवासों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा न्यूक्लियर और रेडियोथेरेपी भवन का निर्माण भी पहले ही चरण में कराया जाना है। मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद इसके लिए भारत सरकार को 100 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही बजट मिलते ही विस्तार का काम आरंभ हो जाएगा।
न्यूरो सर्जन डॉ. सुयश को अधीक्षक की जिम्मेदारी
एम्स के न्यूरो सर्जन डॉ. सुयश सिंह को अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने एसोसिएट प्रोफेसर व न्यूरो सर्जन डॉ. सुयश को अच्छा काम करने पर यह जिम्मेदारी दी है। नए अधीक्षक का कहना है कि वह मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रयास यही कर रहे हैं कि एम्स आने वाले मरीज निराश होकर न लौटें।
जिला प्रशासन से किसानों की जमीन एम्स को उपलब्ध कराई गई है। विस्तार के लिए पहले चरण में 100 करोड़ रुपये की डिमांड भारत सरकार को भेजी गई है। पहले चरण में न्यूक्लियर और रेडियोथेरेपी के साथ ही आवासीय भवनों का निर्माण होना है। बजट मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन

-समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एम्स
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें