ऊंचाहार (रायबरेली)। सीएचसी की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर ही दरी बिछाकर लिटा दिया।
इससे महिलाओं को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाओं की समस्याओं को देखने के लिए कोई भी नहीं पहुंचा। ठंड में महिलाएं कई घंटे जमीन पर ठिठुरतीं रहीं।
माह के प्रत्येक मंगलवार को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं की नसबंदी की जाती है। आशा बहुएं अपने क्षेत्र की महिलाओं को प्रेरित कर नसबंदी के लिए सीएचसी लाती हैं।
मंगलवार को सीएचसी में 24 महिलाओं की नसबंदी की गई, लेकिन सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया। नसबंदी के बाद सभी महिलाओं को वार्ड में बेड पर न लिटाकर जमीन पर बिछाई गई दरी पर लिटा दिया।
कोरोना गाइडलाइन का भी पालन होता नहीं दिखाई पड़ा। सभी महिलाएं एक ही दरी पर सटकर लेटने को मजबूर थीं। न मास्क और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि नसबंदी के बाद महिलाएं दूसरी मंजिल पर जाने में असमर्थ थीं। इसलिए जमीन पर गद्दा बिछाकर उन्हें लिटाया गया।